बीरबल की मृत्यु अकबर की साजिश या गलती

इतिहास में हमेशा कई राजा महाराजाओं का नाम दर्ज है और उन राजा महाराजाओं के साथ उनके कई बार दरबारी, कवि, सिपाही या सलाहकार का नाम भी दर्ज होता है। इतिहास के ही ऐसे एक बहुत बड़े राजा अकबर और उनके दरबार के सबसे बुद्धिमान व्यक्ति बीरबल हैं।

शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जो अकबर और बीरबल के बारे में नहीं जानता होगा इनके ऊपर तो बहुत सारे किस्से कहानियां और नाटक भी बने हैं। बीरबल की बुद्धिमता से प्रभावित होकर अकबर ने उसे अपने दरबार का वजीर बना दिया था। अकबर ने बीरबल को एक बार राजा बनने तक का मौका दिया था। आज हम आपको बीरबल के अंत के बारे में बताने जा रहे हैं क्योंकि यह बात हर कोई नहीं जानता है।

1)अकबर ने कांगड़ा के महाराजा जय चंद्र को अपना बंधी बना दिया था। महाराजा जय चंद्र के बंदी बन जाने के बाद कांगड़ा का नया महाराजा जय चंद्र के पुत्र को बना दिया गया। इसके बाद अकबर ने पंजाब के सूबेदार हुसैन अली खान को हुक्म दिया कि कांगड़ा पर हमला करके वह राज्य बीरबल को दे दिया जाए। कांगड़ा पर जीत हासिल करने के बाद वहां का राजा बीरबल को बना दिया गया।

2) अफगानिस्तान के बाजौड़ के लोग कांगड़ा के लोगों को लूट रहे थे। वहां के लोग इस जबरदस्ती की वसूली से बहुत परेशान थे। वहां के हालात बहुत बुरे हो रहे थे। अकबर ने इसको स्कूल जाने के लिए जैन खान कोका को उसके लिए चुना गया। जैन खान सेना की एक टुकड़ी के साथ अफगानिस्तान के लिए रवाना हो गया रास्ता जंगल और पहाड़ियों से होकर गुजरता था। पहुंचने के बाद सेना को वहां के एक कबीले से मुकाबला हुआ। अफगानिस्तानी सेना पहाड़ों पर चढ़ने और वहां पर मुकाबला करने में बहुत माहिर थी जिसके कारण मुगल सेना को बहुत ज्यादा जान और माल की हानि हुई। मुगल तकरीबन यह जंग हार ही चुके थे।

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