ब्रह्माण्ड का सबसे ऊँचा पर्वत कौन सा है?

हम सभी अब तक सुनते आए हैं कि दुनिया का सबसे ऊंचा पर्वत नेपाल स्थित माउंट एवरेस्ट है. लेकिन वैज्ञानिकों की मानें तो यह सही नहीं है. वैज्ञानिक इक्वाडोर स्थित चिंबोरैजो को दुनिया का सबसे ऊंचा पर्वत बताते हैं.

वैज्ञानिकों के मुताबिक इसका मतलब कि अब तक जिन्होंने भी दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी को फतह करने के लिए माउंट एवरेस्ट की कठिन चढ़ाई की वो व्यर्थ गई.

उनका मानना है कि हिमालय पर्वत श्रंखला स्थित माउंट एवरेस्ट को हकीकत में इक्वाडोर के चिंबोरैजो ने पीछे छोड़ दिया है. लेकिन अगर पारंपरिक मापन पद्धति का प्रयोग करें तो एवरेस्ट अभी भी सबसे ऊंची चोटी होगी. अपने निकटतम प्रतिद्वंदियों के मुकाबले 8,850 मीटर ऊंचा यह पर्वत अभी भी करीब 1,000 मीटर ऊंचा है.

लेकिन वास्तव में एवरेस्ट ऊपर की ओर बहुत दूर तक या आसमान के ज्यादा नजदीक हो ऐसा भी नहीं. इस पैमाने पर देखें तो इक्वाडोर स्थित चिंबोरैजो सबसे ऊंचा साबित होता है और इसकी वजह पृथ्वी का अजीब सा आकार है.

माउंट एवरेस्ट केवल उस स्थिति में ही विजेता साबित होता है जब इसे समुद्र के स्तर से मापा जाता है. लेकिन अगर इसके बजाय आप इसे पृथ्वी के केंद्र मापें तो चिंबोरैजो आसानी से जीत जाएगा. इतना ही नहीं एवरेस्ट का नाम टॉप 20 पर्वतों में भी नहीं आएगा.

यह नतीजे इसलिए निकलते हैं क्योंकि पृथ्वी का आकार एक पूर्ण गोलाकार नहीं है, बल्कि यह एक पिचकी हुई गेंद की तरह है जो ऊपर और नीचे तो तकरीबन सपाट है जबकि बीच में थोड़ा बाहर की ओर निकली हुई है. इसे एक संतरे के आकार जैसा माना जा सकता है.

पृथ्वी का यह संतरेनुमा आकार उन पर्वतों को ज्यादा ऊंचा बनाता है जो इसकी भूमध्य रेखा (इक्वेटर) पर या इसके नजदीक पड़ते हैं. इस मामले में चिंबोरैजो को फायदा मिलता है क्योंकि यह पृथ्वी के निकले हुए बीच के हिस्से के नजदीक स्थित है जबकि माउंट एवरेस्ट इससे करीब एक तिहाई दूरी पर ऊपर की ओर है.

न्यूयॉर्क टाइम्स की मानें तो फ्रांस में इंस्टीट्यूट ड रिचर्चे पौर ले डेवलपमेंट के पर्वतारोहियों ने हाल ही में चढ़ाई के दौरान चिंबोरैजो की ऊंचाई को पहले की तुलना में 15 फुट कम पाया.

कुछ अन्य माप में भी माउंट एवरेस्ट दुनिया की सबसे ऊंची चोटी नहीं है. हवाई का मौना किया ऊपर से नीचे तक की लंबाई के मामले में काफी बड़ा है लेकिन क्योंकि इसकी तली और काफी हिस्सा समुद्र के नीचे हैं, इसलिए जब बात समुद्र स्तर से ऊंचाई की आती है तो यह पीछे रह जाता है

एवरेस्ट की प्रसिद्धि और बदनामी का वास्तविक तथ्य यह है कि इसकी चढ़ाई सबसे ज्यादा होने के चलते यह सबसे कठिन भी है.

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