भगवान कृष्ण की राधा से शादी क्यों नहीं हुई थी? जानिए

जब राधा की डोली वृन्दावन आयी थी, तब राधा एक चिरयुवा जवान लड़की थी, वहीँ कृष्ण मात्र ३ वर्ष के चंचल बालक थे ।

और ११ वर्ष के होते-२ वो कंस के साथ कुश्ती खेलने गए थे तब कृष्ण ने कंस का वध किया था और मुड़ कर कभी राधा से मिलने नहीं गए थे।

उनके बाद तमाम जीवन उन्होंने दूसरों के ही फलीभूत होने वाले ही काम किये । कभी भी अपने बारे में नहीं सोचा ।

कृष्ण और राधा का जितना भी प्रेम आजकल टीवी/सिनेमा में दिखाया जा रहा है, वो सब नकली है । और जानबूझकर हमारे ही अलौकिक देव के सम्बन्ध को बिगाड़ने के लिए बनाये गए हैं ।


राधा ही नहीं, पूरे वृन्दावन की जनसंख्या श्री कृष्णा को परम प्रिय मानते थे लेकिन एक ५-७ वर्ष के बालक को कोई कैसे अपने पति के रूप में देख सकता था?

हमारे यहाँ बाल-विवाह का चलन गुलाम बनने के बाद हुआ था, उस से पहले कभी कहीं नहीं था ।

ये तो अब हमने बाल विवाह देखे हैं, और ऐसे ही देखते रहने के कारण हम सीधा यही सोचते हैं कि श्री कृष्ण के समय भी ऐसा ही होता होगा ।

जबकि ये सब हम पर विदेशी हमलाकारों की वजह से हुआ था ।

आप कोई भी राजस्थान या गुजरात साइड में देखेंगें वहां पर आपको यही/ऐसे ही दिखेगा ।

उस से पहले आपको कहीं भी हमारे देश में बच्चियों के विवाह नहीं दिखाई देंगें ।

अब थोड़ा इतिहास देख लें;

सीता की शादी कब हुई थी?

कृष्ण और रुक्मणि की शादी कब हुई थी?

दोनों की शादी में किसी का भी बाल स्वरूप वर्णित नहीं किया गया था। दोनों ही की शादी में बड़े/व्यसक भाव देखे गए थे ।

ये तो बाद में बड़ों के रूप में भी जब गुलाम और गुलामों के बच्चों के रूप में सब जुड़ने लगे, तो कथा में भी बदलाव होने लगा ।

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