भगवान शिव ने बताया था क्या है ‘मृत्यु के संकेत’

जिस तरह ज़िंदगी एक सत्य है ठीक उसी तरह मृत्यु भी सत्य है। अकसर लोग अपनी मौत से डरते हैं। यही नहीं, जब इंसान मृत्यु के बारे में बात भी करता है और उसके बारे में सोचता है तो उसका दिमाग बहुत व्याकुल हो उठता है। यूं तो यह बात किसी से छिपी नहीं है कि हम अगर इस दुनिया में आए हैं तो हमें यह दुनिया छोड़ एक दिन तो ज़रूर जाना होगा।

वहीं, कुछ तो मृत्यु के सत्य से वाकिफ हैं तो कुछ इस तथ्य को स्वीकार नहीं करना चाहते हैं। हमारे शिव पुराण के अनुसार एक बार देवी पार्वती ने भगवान शिव से मृत्यु को लेकर ही एक सवाल पूछा था कि क्या कोई ऐसे संकेत होते हैं जिससे यह पता लग जाए कि मनुष्य की मृत्यु होने वाली है?… या फिर मनुष्य की मृत्यु बहुत निकट ही है?…

भगवान शिव ने माता पार्वती के इस प्रश्न का क्या जवाब दिया आप भी जानें : –

  1. भगवान शिव के मुताबिक जब किसी व्यक्ति के तन का रंग हल्का पीला पड़ने लगे या सफेद व थोड़ा सा लाल पड़ने लगे तो यह इस ओर इशारा करता है कि उस व्यक्ति की मौत अगले 6 महीने के अंदर होने वाली है।
  2. वहीं, जब कोई व्यक्ति अपने छाया को पानी, तेल और सीसे में देखने में असमर्थता महसूस करने लगें, तो यह भी इस ओर इशारा करता है कि व्यक्ति की मौत अगले 6 महीनों के अंतराल में हो जाएगी।
  3. जो लोग अपनी वास्तविक उम्र से ज्यादा जी लेते हैं उन्हें उनकी छाया दिखाई नहीं देती और जिन्हें दिखाई देती है उन्हें धड़ रहित छाया दिखाई देती है, जो वाकई भयभीत करने वाली होती है।

बता दें कि जब किसी इंसान के बाएं हाथ में अजीब तरह की मरोड़ आने लगे और यह मरोड़ एक हफ्ते से ज्यादा तक जारी रहे, तो समझ लीजिए वह इंसान एक महीने से ज्यादा नहीं जिएगा।

यही नहीं, जब किसी इंसान को यह महसूस होने लगे कि उसका मुंह, जीभ, आंखे, कान और नाक पत्थर की होती जा रही हैं तो यह निश्चित है कि उस व्यक्ति की अगले 6 माह के बाद मृत्यु हो जाएगी।

जान लें कि जब कोई व्यक्ति चंद्रमा, सूर्य व अग्नि के प्रकाश को देखने में असमर्थता महसूस करने लगता है तो यह इस ओर इशारा करता है कि वह व्यक्ति 6 महीने में मर जाएगा।

अगर व्यक्ति की जुबान में सूजन आ जाता है और उसके दांतों से पस बहने लगता है, तो यह भी चिंता की बात होती है, क्योंकि वह व्यक्ति 6 महीनें से ज्यादा नहीं जीने वाला है।

साथ ही जब व्यक्ति को सूर्य, चंद्रमा और आसमान सिर्फ लाल ही नजर आने लगें तो यह बताता है कि व्यक्ति अगले 6 महीनों में मर जाएगा।

हालांकि शिव के पार्वती को दिए गए वक्तव्य के अलावा पुराण भी मृत्यु के विषय में बहुत कुछ कहते हैं। यह भी सच है कि पुरातन काल से ही मानवों और राक्षसों ने भगवान को खुश करके मृत्यु पर विजय प्राप्त करने की भरकस कोशिश की है लेकिन वह यह करने में कामयाब नहीं हो पाए, क्योंकि धरती पर जीवन का मृत्यु ही एक मात्र सत्य है।

वहीं, इसके अलावा मनुष्य के हाथ की रेखाएं भी मृत्यु के बारे में बहुत कुछ कहती हैं। अगर मनुष्य के हाथ में दी गई जीन रेखा छोटी है तो यह अल्प आयु की ओर इशारा करती है। भगवान विष्णु कहते हैं कि मृत्यु का संबंध मनुष्य के शरीर से है ना कि उसकी आत्मा से।

Leave a Reply

Your email address will not be published.