भारतीय तकनीक : चाभियों से नही, अब चेहरा पहचान कर चलेगी कार

इंजीनियर और शोधकर्ताओं की सहायता से अब आपका स्मार्टफोन बिना पिन या पैटर्न से तो खुलने के क्रियाकलाप में बदलाव हो चुका है अब आप अपने स्मार्टफोन के कैमरे में ही देखते हैं और आपका स्मार्टफोन खुल जाता है वैसे जो पूरी की पूरी प्रक्रिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से होती है।

और इसीलिए यह प्रक्रिया थोड़ी सी रिलाएबल कम है परंतु जब आपके स्मार्टफोन में आपके चेहरे को पहचानने के लिए पर्टिकुलर सेंसर का उपयोग किया जाता है तो वह प्रक्रिया बहुत ही विश्वसनीय हो जाती है। अब भारतीय इंजीनियरों की सहायता से यह प्रक्रिया आपके कार्यों में भी उपयोग करने के लिए विचार की जा रही है अर्थात आपकी गाड़ियों अब आपको चाबी की आवश्यकता नहीं पड़ने वाली है।

क्योंकि अब चाबी की जगह आपकी इस गाड़ियां आपके चेहरे को पहचान कर स्टार्ट हुआ अपने आप को गेट खोलने की अनुमति प्रदान कर देंगे इसीलिए यह तकनीक बहुत ही ज्यादा आती और बहुत ही ज्यादा सटीकता से बनाई जा रही। इंजीनियर और शोधकर्ताओं की सहायता से अब आपका स्मार्टफोन बिना पिन या पैटर्न से तो खुलने के क्रियाकलाप में बदलाव हो चुका है अब आप अपने स्मार्टफोन के कैमरे में ही देखते हैं।

या प्रक्रिया सबसे पहले प्रीमियम सेगमेंट के स्मार्टफोन बनाने वाली एप्पल के माध्यम से शुरू की गई थी और उसके बाद ही अन्य कंपनियां इस प्रकार की प्रक्रिया को अपनाकर अपने स्मार्टफोन में चेहरे को पहचानने वाली तकनीक का उपयोग करने लगे अब धीरे-धीरे उसको और भी ज्यादा डेवलप करके ऐसी भी चीजों में उपयोग किया जा रहा है जहां पर आप को अन्य विकल्पों की बहुत ही ज्यादा आवश्यकता और उनकी वजह से बहुत ही ज्यादा परेशानियां भी झेलनी पड़ सकती ।

आपका स्मार्टफोन खुल जाता है। वैसे जो पूरी की पूरी प्रक्रिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से होती है और इसीलिए यह प्रक्रिया थोड़ी सी रिलाएबल कम है परंतु जब आपके स्मार्टफोन में आपके चेहरे को पहचानने के लिए पर्टिकुलर सेंसर का उपयोग किया जाता है। तो वह प्रक्रिया बहुत ही विश्वसनीय हो जाती है। अब भारतीय इंजीनियरों की सहायता से यह प्रक्रिया आपके कार्यों में भी उपयोग करने के लिए विचार की जा रही है।

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