भारत के किन राज्यों में रेलवे सुविधा नहीं है? जानिए उन राज्यों का नाम

केवल सिक्किम में अभी तक कोई रेल सेवा उपलब्ध नहीं है.

पहले असम को छोड़ कर उत्तर पूर्व के सभी राज्यों में रेल सेवा नहीं थी. यह गुवाहाटी का कामाख्या स्टेशन है. उत्तर पूर्व सीमान्त रेलवे का मुख्यालय मालीगाँव में है जो कि कामाख्या स्टेशन के पास है.

1963 में नागालैंड को रेल सेवा देने के लिये असम राज्य का दीमापुर नगर ही उन्हें दे दिया गया था.

सिलचर से जिरीबाम होकर मणिपुर की राजधानी इम्फाल के लिये रेल लाइन बन रही है और अभी वंगाईचुंगपो तक रेल लाइन उपलब्ध है. यह मणीपुर राज्य का जिरीबाम स्टेसन है.

अरुणाचल प्रदेश के नाहरलागुन – ईटानगर तक और तेज़पुर से भालुकपोंग तक रेल लाइन उपलब्ध है.

असम के हैलाकांदी से मिजोरम के बैराबी एक रेल लाइन उपलब्ध है और इसे आइजॉल के पास सेरांग तक बढ़ाया जा रहा है.

असम के गोआलपाड़ा से दूधनोई होकर मेघालय के गारो हिल्स जिले के मेंदीपथार तक रेल सेवा उपलब्ध है.

गौहाटी से शिलोंग के लिये भी रेल लाइन बनाने का काम शुरू किया गया है. अभी तक असम के जोराबाट और जागी रोड के बीच स्थित तेतलिया स्टेसन से बर्नीहाट तक लगभ्ग 21 किमी लाइन बन चुकी है, किन्तु स्थानीय विरोध के कारण अभी भी काम पूरी तरह से बर्नीहाट में रुका हुआ है.

पिछले कुछ वर्षों में सबसे अधिक काम त्रिपुरा में हुआ है. अब त्रिपुरा के आखिरी छोर पर स्थित सबरूम तक रेल लाइन पहुँच चुकी है. नीचे अगरतला रेलवे स्टेसन है. यह अगरतला के महल जैसा दिखता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published.