मनुष्य अपने सुख भोग के लिए किस हद तक जा सकता है?

कुछ अय्याश और भोगी विलास में डूबे रहने वाले लोगों की बात करते हैं।

  • मुगल बादशाह अकबर अकबर के हरम में पांच हजार औरतें थीं और ये पांच हजार औरतें उसकी ३६ पत्नियों से अलग थीं। शहंशाह के महल के पास ही एक शराबखाना बनाया गया था। वहाँ इतनी वेश्याएं इकट्ठी हो गयीं कि उनकी गिनती करनी भी मुश्किल थी। दरबार का सुन्नी काजी अकबर के चार से ज्यादा शादी के खिलाफ था तब अकबर ने उसे हटाकर शिया काजी को नियुक्त किया, जो असीमित शादियों या औरतों से संबंध रखने की अनुमति देता था।

इस तरह अकबर ने अपने भोग विलास के लिए इस्लाम का भी दुरुपयोग किया था। आज का जीबी रोड अकबर के हरम की निशानी है।

गुरमीत राम रहीम- यह बाबा अपनी ऊल-जलूल कारनामों के लिए चर्चा में रहता था। लेकिन बाद में लोगों को पता चला कि यह बाबा के वेश में एक काम पिपासु व्यक्ति है। इसके आश्रम में 100 से ज्यादा बालिग और नाबालिग लड़कियों की संख्या है जिनसे यह बाबा संबंध बना चुका है- लड़की की मर्जी हो या ना हो।

बाबा अपने पौरुष को बरकरार रखने के लिए जड़ी-बूटी का भी सेवन करता था। अंधभक्ति के दम पर इसने अकूत दौलत रखी थी जिसके दम पर यह बाबा कनाडा में एयरपोर्ट और हवाई जहाज खरीदने वाला था। फिलहाल यह अपने कर्मों की सजा भुगत रहा है।

स्वाजीलैंड का राजा इस्वातिनी- वर्तमान में इस देश की 60 फीसदी जनता रोटी के लिए तरस रही है, लेकिन इनका राजा मनमौजीपन में जी रहा है। इस राजा ने अपने जन्मदिन पर 119 करोड़ रुपए खर्च किए थे, इस राजा को अपनी प्रेमिकाओं को बीएमडब्ल्यू और राल्स रायस जैसी मंहगी कारों का गिफ्ट देने का शौक है। यह प्रतिवर्ष लड़कियों का टापलेस परेड करवाता है और अपने लिए पत्नी का चयन करता है। वर्तमान में इसकी 15 पत्नीयां, निजी एयरपोर्ट और विशाल महल है।

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