मोहम्मद गौरी की मृत्यु कैसे हुई थी? जानिए

हो सकता है कि कुछ लोगों को यकीन करना मुश्किल हो कि मोहम्मद गौरी की मृत्यु पृथ्वीराज चौहान के हाथों ही हुई थी । मोहम्मद गौरी से दूसरा युद्ध जयचन्द जैसे लोगों के कारण पृथ्वीराज चौहान हार गये थे । गौरी ने पृथ्वीराज की आंखें फोड़ दी थीं ।

पृथ्वीराज चौहान के खास मित्र और कवि चन्दवरदायी ने पृथ्वीराज चौहान के शब्दभेदी वाण कला का ऐसा वर्णन किया जिसको देखने से गौरी अपने को रोक नहीं पाया । प्रदर्शन के लिए जब पृथ्वीराज को वहां पर लाया गया तो चन्दवरदायी गौरी की स्थिति को बताने के लिए दो लाइन की कविता कही और उसी के आधार पर पृथ्वीराज चौहान ने गौरी का काम तमाम कर दिया । कविता की पंक्तियां कुछ इस प्रकार थीं –

चार बांस चौबीस गज, अंगुल अष्ट प्रमान ,

तापर बैठा शाह है , मत चुको चौहान ।

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