यदि जिंदगी मे सफल होना है तो ये आदत जरूर डालें,आएंगे बहुत काम

किताबे हमारे जिंदगी का एक अनमोल हिस्सा होते हैं इसके साथ ही किताबें हमारे सबसे अच्छे दोस्त भी बन सकते हैं। किताबों से अच्छी दोस्ती और कोई नहीं निभा सकता। आज हम जानेंगे कि हम अपने रोज की आदत में किताबें पढ़ने की आदत को कैसे डाल सकते हैं, इसके क्या क्या फायदे हैं, और हम कुछ लोगों के बारे में जानेंगे जो किताबों पढ़ने का शौक रखते हैं । सबसे पहले मैं ऊपर रखना चाहूंगा अपनी सोच से दुनिया को बदलने की ताकत रखने वाले एलोन मस्क के बारे में।

उनकी बायोग्राफी से पता चलता है कि बचपन में उन्हें बहुत ज्यादा चिढ़ाया जाता था जिसकी वजह से उनके कोई भी अच्छे दोस्त नहीं बन पाते थे। उनकी ध्यान लगाने की शक्ति यानी फोकस बहुत अच्छी थी इसलिए वह अपने आप में ही खोए रहते थे, जिनकी वजह से लोग यह समझते थे वह बहरा है और बहुत परेशान करते थे। यहां तक कि उन्हें एक बार गिरा दिया गया था। इसके बाद उन्होंने किताबों को ही अपना दोस्त बना लिया जिस किताब को एक नॉर्मल इंसान 6 महीने में पढ़ेगा, उन्होंने उस को  तीन ही दिन में पढ़कर पूरा खत्म कर डाला। 

सिर्फ इतना ही नहीं उन्हें जब रॉकेट से दूसरे ग्रह पर जीवन के लिए आदमियों को भेजने के लिए सोच आई तो उन्होंने किताबें पढ़ पढ़ के ऐसा रॉकेट बना दिया कि जो अंतरिक्ष में जाकर मनुष्य को दूसरे ग्रह पर छोड़कर वापस भी आ सकता है। इनकी यह सारी उपलब्धियां सिर्फ किताबों की ही वजह से हैं । वह किताबें पढ़ने को आज भी बहुत सारा महत्व देते हैं और वह अभी किताब रोज पढ़ते हैं। अब बात करते हैं दुनिया के सबसे अमीर इन्वेस्टर के बारे में जिनका नाम है वारेन बुफेट।

इन्हे बचपन से ही किताबें पढ़ने का शौक था उन्होंने सबसे पहले मनी यानी धन के बारे में किताबें पढ़ने शुरू की उन्होंने सबसे पहले जो बुक अच्छी लगी वह थी हजार डॉलर कमाने के हजार तरीके और उन्होंने सिर्फ इस किताब को पढ़ने तक ही सीमित नहीं रखा बल्कि इस किताब से कुछ तरिकों को निकाल कर अपने जीवन में उतार लिया,जिससे कि वह कुछ पैसे कमा सकें ।जिस उम्र में सभी बच्चे खेलकूद करते है उस उम्र में किताबों के बीच पड़ने वाले वारेन बफेट ने किताबें पढ़ पढ़ कर ही इतनी अच्छी नॉलेज अच्छी कर ली कि आज वह सबसे अमीर इन्वेस्टर हैं,और और आज 89 साल के होने के बाद भी वह रोज कुछ ना कुछ किताबें पढ़ते हैं। 

अब बात करेंगे अपने देश के मिसाइल मैन कहे जाने वाले एपीजे अब्दुल कलाम की। हालांकि  वह अब हमारे बीच नहीं है लेकिन ऐसा माना जाता है कि उन्होंने अपने पूरे जीवन काल में 25 सौ से ज्यादा किताबें पर डाली थी। वह जहां भी रहते थे वहां उनका आधा कमरा किताबों से ही भरा रहता था। उन्हें भी किताबें पढ़ने का बहुत शौक था। स्वामी विवेकानंद के बारे में आप सभी लोग जानते थे कि उन्हें सुपरकंप्यूटर कहा जाता था । उनकी फोकस पावर और याद शक्ति इतनी मजबूत थी कि वह एक दिन में ही पूरी की पूरी किताब पढ़ जाते थे, और पेज बाय पेज वर्ड बाय वर्ड चीजें उन्हें याद भी हो जाती थी। आइए आप जानते हैं कि हम आप रोज की आदतों में किताबें पढ़ने की आदत को कैसे डाल सकते हैं। देखिये दोस्तों, आजकल के वातावरण में हमारे मन ऐसा हो गया है कि वह कोई भी ऐसा काम ही नहीं करना चाहता जिससे उस पर दबाव पड़े या उसे परेशानियों का सामना करना पड़ सके, इसीलिए आजकल के माहौल में डोपामाइन डिटॉक्स इस तरह के बहुत सारी चीजें प्रचलन में आ गई हैं जो जिसका कभी नाम ही नहीं था। आपका दिमाग या मन आपको कभी यह नहीं कहेगा कि चलो किताब पढ़ने का टाइम हो गया, किताब पढ़ो जब आपका एग्जाम सर पर होगा तब भी नहीं ।

आपको हमेशा जबरदस्ती ही किताब पढ़ना पड़ेगा। इसलिए आप रोज सुबह उठने के बाद 15 से 20 मिनट कुछ ना कुछ पढ़ने की आदत डालें जिससे कम से कम यह सुबह के टाइम एक या दो पन्ने पढ़ने की आदत पड़ जाए। आजकल लोग पढ़ाई का मतलब यह समझते हैं कि जैसे ही कॉलेज खत्म हुआ, एक नौकरी मिल गई पढ़ाई खत्म। पढ़ाई का मतलब यह नहीं होता,पढ़ाई का मतलब होता है कि आपको जिंदगी भर कुछ न कुछ सीखते रहना होगा। सीखना है जिंदगी है, जो इंसान किताबों को अपना दोस्त बना लेता है वह जिंदगी में कभी भी असफल नहीं हो सकता । किताबें ज्ञान का भंडार है, दुनिया में बहुत सारे महान लोगों की लिखी गई किताबें आज भी मौजूद है वह हमारे बीच नहीं है लेकिन उनकी लिखी हुई स्मृतियां और अनुभव हमारे पास है। 

उनके पूरे जीवन का अनुभव सिर्फ हम लोग एक किताब पढ़ कर ही ले सकते हैं । हमारा जीवन इतना बड़ा नहीं है कि हम हर एक चीज को करके और उनकी गलतियों से सीखे इसलिए हम दूसरों की की गई गलतियों से सीख जाते हैं । आप लोग आजकल इतने सारे वेस्ट की चीजों में पैसे उड़ा देते हैं आप महीने में कम से कम एक अच्छी बुक जरूर खरीदें और उसे पढ़ें खुद ही इसका अनुभव महसूस करेंगे और अपने जीवन में सुधार जरूर महसूस करेंगे और सुधार भी ला पाएंगे वह रास्ता है जो आपको तरक्की की ओर बढ़ा सकते हैं।

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