यह है दुनिया की सबसे ज्यादा ठंड वाली जगह

दुनिया का सबसे ठंडा गांव ओम्याकोन के विषय में यहाँका औसत तापमान – 50 डिग्री रहता है। इस गांव के लोग अपना जीवन कैसे व्यतीत करते हैं इस गांव की क्या खासियत है?

कितनी ठंडी है ओम्याकोन गाँव?

हमारे यहां अगर तापमान 2 डिग्री भी घट जाए तो अखबार की सुर्खियां बन जाती है।न्यूज़ की हेडलाइंस बन जाती है। लोगों को अच्छी खासी तकलीफ झेलनी पड़ जाती है ।पर आप यह जानकर हैरान हो जाएंगे की रसिया के ओम्याकोन गांव का औसत तापमान – 50 डिग्री रहता है।

यहां जीवन जीना कितना कठिन होगा यह आप इसी से अंदाजा लगा सकते हैं आपको बता दें कि इस गांव की आबादी 500 से 700 के बीच है।

– 50 डिग्री पर बच्चे स्कूल जाते है।

इस गांव में केवल एक ही स्कूल है जहां 25 टीचर मिलकर 200 बच्चों को पढ़ाते हैं यहां के बच्चों को रोज स्कूल भेजना किसी चुनौती भरे काम से कम नहीं है।

सरकार ने यहां कुछ तापमान से संबंधित नियम लगाए हैं अधिक तापमान होने पर ना खोलने का नियम बनाया गया है मुझे जानकर बहुत खुशी हुई कि बच्चे इतने विषम परिस्थिति में भी स्कूल जाते हैं और पढ़ाई करते हैं।

यह गाड़ियां कभी बंद नहीं होती।

आपको जानकर हैरानी होगी कि ओम्याकोन का कोई भी वाहन बंद नहीं होता है। अगर वाहन को बंद कर दिया जाए तो कुछ सेकंड में ही वाहन की बैटरी जम जाएगी और फिर चालू करने में काफी तकलीफ का सामना करना पड़ सकता है। इसीलिए वहां के लोग अपनी गाड़ियों को चालू ही रखते हैं।

अगर विशेष परिस्थिति में गाड़ी को लंबे समय तक उपयोग में नहीं लेना है तो हिट गेराज में रखा जाता है।

ओम्याकोन में पानी कहां से आता है?

आप सोच रहे होंगे कि ओम्याकोन मैं बर्फ ही बर्फ है तो वहां पानी की क्या दिक्कत पर आप गलत सोच रहे हैं ।

ओम्याकोनमें लोगों को पानी देने के लिए सरकार और रोज बाहर से टैंकर मंगाती है और उस टैंकर को गांव के

में डाल दिया जाता है जहां पानी को गर्म करके लोगों के घरों में पहुंचाया जाता है और गरम पानी को तुरंत ही बड़े से थरमस जैसे बर्तन में रखना पड़ता है। ताकि वह पानी बर्फ ना बन जाए।

आपको जानकर हैरानी होगी कि ओम्याकोन गांव का बॉयलर पॉइंट चालू पर चालू ही रहता है अगर उसे बंद कर दिया जाए तो उसमें ठंड की वजह से काफी सारी तकनीकी खराबी हो सकती है।

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