राजस्थान के किशनगढ़ में ऐसा क्या खास है जो बहुत कम लोग जानते हैं? जानिए

राजस्थान का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में हवा महल, आमेर किला, मेहरानगढ़, हल्दीघाटी, रेगिस्तान जैसे पर्यटन स्थल घूमने लगते हैं। दरअसल, इन सब के अलावा एक शहर है किशनगढ़ जो अपने विशाल मार्बल भंडार और डंपिंग यार्ड के लिए काफी प्रसिद्ध है। यह जयपुर और अजमेर के बीच बने हाईवे पर स्थित है। अजमेर शहर से इसकी दूरी मात्र 30 किलोमीटर है जबकि जयपुर से यह 100 किलोमीटर है।

आपको बता दें की मार्बल उद्योग में रोजाना हज़ारों लीटर मार्बल और ग्रेनाइट की स्लरी निकलती है जो किसी काम की नहीं होती। स्लरी वह तरल पदार्थ है जो मार्बल और ग्रेनाइट के पत्थरों को काटने पर निकलता है। सूखने के बाद वह सफ़ेद चूरा हो जाता है और जिस भी क्षेत्र में डंप किया जाता है वहां के आसपास के पेड़-पौधे नष्ट होते जाते हैं तथा वह जमीन बंजर हो जाती है। इसलिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सभी फैक्टरियों को डंपिंग यार्ड में ही स्लरी डंप करने का निर्देश दिया है। ऐसा न करने पर उन्हें जुर्माना भरना पड़ता है।

किशनगढ़ में दो डंपिंग यार्ड है। एक पुराना है जो शहर के नज़दीक है और एक नया जो शहर से थोड़ा दूरी पर बनाया गया है। नया डंपिंग यार्ड आकर्षण का केंद्र है जो लगभग 300 बीघा में फैला है। यह क्षेत्र आपको बर्फीले मैदान का एहसास दिलाएगा। इसी वजह से कुछ लोग इसे राजस्थान का कश्मीर भी कहते हैं। यहाँ पर कुछ जगहों पर गड्ढें मिलेंगे जिसमें पानी भरने पर वह आसमानी नीले रंग के दिखाई देंगे।

पर्यटकों के अलावा अब तो यहाँ फिल्मों और विज्ञापनों की शूटिंग भी होने लगी हैं। हाल ही में कई फिल्मों के गाने जैसे फिल्म ‘किस किस को प्यार करूँ’ का गाना ‘समंदर‘, ‘बाघी 3’ का ‘दस बहाने 2.0‘, ‘दबंग 3’ का ‘यू करके’, गुरु रंधावा का ‘सूरमा सूरमा‘, आदि।

यहाँ प्रवेश करने के लिए आपको नगर निगम से अनुमति लेनी पड़ेगी। गर्मियों में यहाँ पारा 45 के पार पहुंच जाता है तो कोशिश करें की बरसात या सर्दी में ही आएं।

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