रिफाइंड ऑयल क्या है? जानिए

यह तो आप जानती ही होंगी कि घी दूध से बनता है। दूध को मथकर फैट निकाला जाता है जिसे मक्खन कहते हैं। इस मक्खन को उबालकर इसका पानी खत्म कर दिया जाता है और शुद्ध रूप में हमें मिलता है घी। घी में लैक्टोज नहीं होता इसलिए लैक्टोज इंटोलेरेंट लोग भी घी का प्रयोग कर सकते हैं।

घी में सैचुरेटेड फैट होता है जो घी को शरीर के लिए फायदेमंद बनाता है। इसके साथ ही घी में कंजुगेटेड लिनोलिक एसिड (CLA) होता है, जो घी को स्वास्थ्य के लिए लाभदायक बनाता है। घी गट हेल्थ के लिए अच्छा होता है।

इंटरनेशनल जर्नल ऑफ फूड साइंस एंड न्यूट्रिशन में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार घी फैट का सबसे हेल्दी रूप है। इसमें ब्यूटाइरेट होता है जो पाचनतंत्र को दुरुस्त रखता है। साथ ही घी में विटामिन ए, ई और विटामिन के होते हैं। इसके अतिरिक्त घी सेलेनियम, आयोडीन और फैटी एसिड्स का अच्छा स्रोत है।

लेकिन हम आपको बता दें, घर का बना शुद्ध घी ही फायदेमंद होता है। बाजार के घी को प्रोसेस किया जाता है जिससे उसकी गुणवत्ता काफी कम हो जाती है।

रिफाइंड तेल कई अलग अलग सीड्स से प्राप्त हो सकता है। जैतून का तेल, सोयाबीन तेल, सनफ्लॉवर ऑयल और मूंगफली का तेल इसके कुछ उदाहरण हैं। इसलिए सभी तेलों की अलग-अलग खूबियां होती हैं।

रिफाइंड तेल पॉली अनसैचुरेटेड फैटी एसिड्स से लैस होते हैं, जो इंफ्लामेशन के लिए जिम्मेदार होते हैं।

तेल का स्मोकिंग पॉइंट ज्यादा होता है यानी इसे अधिक गर्म तापमान पर इस्तेमाल किया जा सकता है। यही कारण है कि तलने के लिए तेल का ही प्रयोग होता है।

सेलेब्रिटी शेफ और नूट्रिशनिस्ट तरला दलाल मानती हैं कि कम मात्रा में इस्तेमाल किया जाए तो कोई भी तेल हानिकारक नहीं है। पर जब अत्यधिक इस्तेमाल करेंगी तो हर तेल हानिकारक होगा।

बाजार में फोर्टिफाइड तेल मौजूद हैं जिनमें विटामिन्स और मिनरल्स अलग से मिलाए जाते हैं।

तो क्या है अंतिम निष्कर्ष?

हर तेल बराबर रूप से फायदेमंद नहीं है। अगर आप फोर्टिफाइड रिफाइंड तेल का इस्तेमाल करती हैं, तो यह फायदेमंद है।

घी का प्रयोग तलने के लिए नहीं करना चाहिए क्योंकि उसका स्मोकिंग पॉइंट कम है। दाल, रोटी या छौंक में घी का इस्तेमाल करें जबकि तलने, भूनने के लिए नारियल, सरसों, सोयाबीन या मूंगफली के तेल का इस्तेमाल करें। ताड़ के तेल का इस्तेमाल करने से बचें।

Leave a Reply

Your email address will not be published.