विद्युत में कितने प्रकार के फ़्यूज़ होते हैं? जानिए

Fuse एक धातु का छोटा-सा टुकड़ा होता है जो circuit के श्रेणी क्रम में जुड़ा होता है यदि circuit में एक निश्चित मान से ज्यादा करंट flow होती तब fuse पिघल कर circuit को break कर देता है, fuse कहलाता है।

या

“वह protective device जो उच्च वैद्युत धारा के विरुद्ध केबिलों तथा उपकरणों की रक्षा के लिये वैद्युत परिपथ के श्रेणी क्रम में संयोजित किया जाता है फ्यूज कहलाता है।

वोल्टता के अनुसार

(i) निम्न वोल्टता फ्यूज (Low voltage fuse)

(a) पुनर्तारीय प्ररूपी फ्यूज (Semi-enclosed rewirable fuse)

(b) उच्च विदारण क्षमता वाले कारतूसी अथवा H.R.C. फ्यूज (High rupturing capacity type (H.R.C.) fuse cartridge

(ii) उच्च वोल्टता फ्यूज (High voltage fuse)

(a) पुनर्तारीय प्ररूपी फ्यू ज (Semi-Enclosed Rewirable Fuse)

Rewirable fuse को Kitkat type fuse के नाम से जाना जाता है। इस फ्यूज में धातु तार का fuse element लगाया जाता है जिसे पिघल कर गिर जाने पर replace किया जा सकता है। इनमें fuse element प्राय: टिन लेपित ताम्र तार का होता है जिसे fuse carrier (फ्यूज वाहक) में दो सम्पर्क सिरा स्क्रूओं के बीच कस दिया जाता है। उसके बाद फ्यूज कैरियर को fuse board पर स्थापित फ्यूज आधार में लगा दिया जाता है।

उच्च विदारक क्षमता वाले कारतूसी अथवा H.R.C. फ्यूज

इनका विदारक क्षमता 66 kV से 500 MVA तक होती है। इसीलिये इन्हें कारतसी प्रारूपी उच्च विदारक क्षमता वाले फ्यूज कहते हैं। इसका मुख्य विशेषता यह है कि short circuit fault के अन्तर्गत एक निश्चित समय तक उच्चतम धारा प्रवाह की क्षमता रखते हैं।

यदि इस निश्चित समय के अन्तर्गत, short circuit fault स्वत: ठीक हो जाये तो fuse पिघलकर नष्ट नहीं होता है। परन्तु यदि fault ठीक नहीं होता है तो fuse पिघलकर नष्ट हो जाता है। इस प्रकार परिपथ में धारा का मान शून्य हो जाता है।

उच्च वोल्टेज सिस्टम के लिए उपयोग में आने वाले फ्यूज निम्न प्रकार है।

Cartridge Type-

इस फ्यूज की संरचना कम वोल्टेज वाले कारतूस फ्यूज के समान ही है। इस फ्यूज के डिजाइन में बदलाव करके हम इसे उच्च वोल्टेज सिस्टम के लिए उपयोग कर सकते हैं।

Liquid Type :

इन फ्यूजों के अन्दर carbon tetrachloride(कार्बन टेट्राक्लोराइड ) के solution(घोल) को उपयोग में लाया जाता है। इन फ्यूजों की बहुत अधिक range उच्च वोल्टेज सिस्टम में उपलब्ध है। इन फ्यूजों को परिपथ में 100 A पर 132 KV के लिए तथा 6100 A तक परिपथ में उपयोग में लाया जा सकता है।

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