शनिदेव के खास 2 गांव, जहां देते हैं खुद पहरा

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यह हम सभी जानते हैं कि भारत में शनिदेव को लोग कितना ज्यादा पूजते हैं। शनिदेव के प्रकोप से लोग इतना डरते हैं कि भलूकर भी उन्हें नाराज़ नहीं करना चाहते हैं। बाकी देवताओं की तरह शनिदेव जल्दी अपने भक्त से खुश नहीं होते हैं और ना ही किसी की गलती को माफ करते हैं।

वहीं, इन सबके बीच शनिदेव की एक अनोखी कहानी भी है जिसे जानकर शायद आप आश्चर्य में पड़ जाएंगे… जी हां, हम यहां 2 खास गांवों की बात कर रहे हैं, जिनकी रक्षा और कोई नहीं बल्कि खुद शनिदेव करते हैं।

शनिदेव करते हैं रातों में निगरानी –
जहां एक ओर लोग चोरी और लूट जैसी कई घटनाओं से परेशान रहते हैं और डर से अपने घरों में हाई सिक्योरिटी सिस्टम का इतज़ाम करते हैं वहीं, भारत में ऐसे दो गांव मौजूद हैं जहां घरों में दरवाजे है ही नहीं। आपको जानकर हैरानी होगी, लेकिन सत्य यही है कि इन दो गांवों के लोग अपने गहने, पैसे आदि किमती सामानों को भी तालों में बंद कर के नहीं रखते हैं।

शनिदेव से जुड़ी यह कहानी
यह बहुत कम लोग जानते हैं कि इन गांवों का संबंध स्वयं शनिदेव से जुड़ा हुआ है। यहां के लोगों का मानना है कि उनके गांव की सुरक्षा स्वयं शनिदेव ही करते हैं। ऐसी मान्यता है कि यहां शनिदेव के डर से कोई चोरी नहीं करता क्योंकि ऐसा करने वाले को भगवान शनिदेव भारी दण्ड देते हैं।

यहां जानें: कौन-से हैं वह 2 गांव जिनकी रक्षा करते हैं शनिदेव –

  1. शनि शिगंणापुर (महाराष्ट्र)
    भगवान शनि के सबसे खास मंदिरों में से एक माना जाता है महाराष्ट्र के शिगंणापुर नामक गांव का शनि मंदिर। बता दें कि यह मंदिर महाराष्ट्र के अहमदनगर से लगभग 35 कि.मी. की दूरी पर स्थित है। इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यहां पर शनि देव की प्रतिमा खुले आसमान के नीचे ही मौजूद है। कहते हैं कई लोगों ने यहां पर मंदिर और छत बनाने की लाख कोशिशें की, लेकिन कोई भी आज-तक इस काम में सफलता नहीं प्राप्त कर पाया। यही नहीं, लोगों की मानें तो यहां शनि की प्रतिमा किसी ने नहीं बनाई है … बल्कि यह स्वयंभू है इसलिए इसे बहुत ही खास माना जाता है।

शिगंणापुर कैसे है खास –
शिगंणापुर अपनी चमत्कारी शनि प्रतिमा के साथ-साथ एक और बात के लिए भी बहुत प्रसिद्ध है। इस गांव की ऐसी मान्यता चली आ रही है कि यहां स्वयं भगवान शनि निवास करते हैं और वह ही गांव की रक्षा भी करते हैं। इसी खास मान्यता के चलते यहां कोई भी अपने घर व दुकानों में ताला नहीं लगाता है और यहां कभी चोरी भी नहीं होती है।

  1. सताड़ा (गुजरात)
    शनि शिगंणापुर की तरह ही गुजरात के एक गांव में भी यही मान्यता काफी प्रसिद्ध है। बता दें कि गुजरात में राजकोट के पास ही सताड़ा नाम का एक गांव स्थित है, जहां शनिदेव का एक प्राचिन मंदिर स्थापित किया गया है। इस खास शनि मंदिर में भैरवनाथ मंदिर और भगवान शनि को भैरव दादा के नाम से पूजा जाता है। शिगंणापुर के ही तरह इस गांव में भी कई सालों से किसी के भी घर पर ताला नहीं लगता है, क्योंकि यहां की रक्षा भी खुद शनि देव करते हैं और उन्हीं की कृपा से यहां कभी चोरी का डर नहीं रहता है।

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