एक ऐसा रेगिस्तान जिसमें रात में नाचती है परिया,कारण जानकर हैरान हो जाएंगे आप

आप सभी जानते हैं कि आपकी दादी नानी आपको बचपन से ही परियों के बारे में कहानियां सुनाती आ रही हैं। आप सभी जानते हैं कि उन कहानियों में आपने परियों को नाचते हुए देखा होगा आज हम आपको एक ऐसे ही जगह के बारे में बताने वाले हैं जहां पर सच में पर यह रात में आकर नाचती है वह जगह है कहां तो चलिए आपको उसके बारे में विस्तार पूर्वक पता है.

आपको बता दें कि यह स्थान अंटार्टिका दक्षिण पश्चिम अफ्रीका के पास स्थित है यहां का रेगिस्तान 5.5 मिलियन वर्ष पुराना है लोगों का मानना है कि इस रेगिस्तान में रात को परियों को नाचते देखा जाता है, उनके पैरों के निशान भी सुबह रेत में दिखते हैं.

यहां के स्थानीय लोगों का मानना है कि यह उनके भगवान के पद चिन्हों का निशान है जो कि आत्मा द्वारा बनाए गए हैं और वह उनके देवता मुकुरु के पैरों के निशान है.

आपको बता दें कि वैज्ञानिकों के अनुसार इसका कोई प्रमाण नहीं मिलता कि यहां पर कि कोई भगवान आए होंगे इसका रहस्य अभी भी बरकरार है। यह रेगिस्तान मंगल ग्रह की सतह जैसा दिखता है। इसके इलाके में रेत और ऊंचे पहाड़ों के ढेर हैं।

आपको बता दें कि नामी पाकिस्तान तक छड़ी अंगोला से नबी भी अब तक दक्षिण अफ्रीका के ऊपरी भाग में 2000 किलोमीटर तक फैला हुआ है कुछ हिस्सों में टूटे हुए जहाज के अवशेष भी पाए जाते हैं और कुछ जगहों पर व्हेल मछली की खबरें अभी मिली है लोगों का मानना है कि  इस रेगिस्तान को भगवान ने गुस्से में बनाया था।

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