धोखेबाज भेड़िया, बच्चों की मजेदार हिंदी कहानी

बहुत सालों पहले की बात है एक जंगल में एक भेड़िया रहता था क्योंकि वह बेहद ही आलसी था इसी कारण वह अपना भोजन ढूंढने और खाने में भी आलस करता था जिस कारण वह बेहद दुबला होता चला जा रहा था 1 दिन उस भेड़िए ने सोचा क्यों ना यह जंगल छोड़कर किसी शहर में चला जाए वहां आसानी से भोजन मिल जाएगा मुझे अब भेड़िया नदी को पार करता हुआ शहर की तरफ बढ़ गया शहर में पहुंचते ही कुछ कुत्ते उसके पीछे पड़ गए।

भेड़िया उनसे अपनी जान बचाता हुआ वापस एयरटेल पर भागा कुत्तों के डर से वह एक दीवार को छलांग लगाकर फोन गया और दीवार के उस पार एक भ्रम रखकर था जिसमें वह कूद गया रात भर बागड़िया कुत्तों के डर से उसी धर्म में बैठा रहा जब वह सुबह धर्म से बाहर निकला तो वह पूरा नीला हो गया था क्योंकि उसमें पकड़ो को रंगने वाला कलर भरा हुआ था जिससे भेड़िया बिल्कुल नीला हो गया था।

अब जब भेड़िया वापस जंगल की तरफ जा रहा था नदी पार करते समय उसने अपने को पानी में परछाई स्वरूप देखा तो वह दंग रह गया क्योंकि उसका पूरा रंग नीला हो चुका था हाथ पैर सब कुछ नीला हो गया था तो वह भेड़िए ने सोचा कि क्यों ना इसका फायदा उठाया जाए।

अब वह जंगल जाकर सारे जानवरों को एक स्थान पर इकट्ठा करता है और उनसे बोला। कि मुझे परमात्मा ने तुम्हारे पास भेजा है तुम सब आज से मेरे गुलाम हो जैसा मैं कहूंगा वैसा ही करना पड़ेगा नहीं तो मैं तुम सबको मार दूंगा सारे जानवर उसकी बात बेहद ध्यान से सुन रहे थे और उनमें डर भी था कि यह विचित्र सा दिखने वाला पशु जरूर परमात्मा नहीं भेजा होगा और पता नहीं या कितना शक्तिशाली होगा।

इसी डर से सारे जानवर उसकी बात सुन रहा है फिर सब अपने अपने स्थान पर लौट गए और उस भेड़िए की आज्ञा का पालन करने लगा कुछ दिन बीत गए उसके बाद एक दिन जब बारिश हुई तो उसका सारा भेद खुल गया क्योंकि पानी से भीग कर उसका नीला रंग बह गया था और वह भेड़िए की जैसा दिखने लगा। इतना देखते ही सारे जानवर बेहद ही क्रोधित हुए और उस पर हमला कर दिया और उसको मार दिया।

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