क्या आप जानते हो जुगनू कैसे चमकता है?

जुगनू क्यों चमकते हैं – आपके मन में भी यही सवाल आता होगा के जुगनू क्यों चमकते हैं, और आपको यही भी लगता होगा कि इस पृथ्वी पर सिर्फ जुगनू ही ऐसा एक जीव है जो चमकता है, लेकिन आप गलत हो क्योंकि इस पृथ्वी पर बहुत से जीव है जो चमकते हैं।उनमें से ही एक एंगलर फिश हैं। वैज्ञानिकोका यह मानना है कि यह जीव जो चमकते हैं, इसकी वजह यह है कि यह आपस में कम्युनिकेशन करते हैं।यानी कुछ जीव अलग अलग तरीके से चमक कर अपने भावनाओं को दर्शाते हैं.

जैसे कुछ कीड़े चमकते हैं अपनी गुस्सा को दिखाने के लिए, कुछ अपने को शिकारी से बचाने के लिए, कुछ अपने आप को दूसरे से अलग दिखाने के लिए,और तो कुछ अपने साथी को मेटिंग के लिए आकर्षित करने के लिए।

हमने चमकते हुए जो आज तक देखा है वह एक साधारण सा कीड़ा है, जिसे हम जुगनू कहते हैं।सबसे साधारण जीव जिसे हम जानते हैं, जो चमकता है वह है जुगनू। जब हम गर्मियों के मौसम में बाहर सोते हैं तो हमें रात में यह जुगनू चमकते हुए नजर आते हैं।फिर हमारे मन में यह सवाल आता है कि यह जुगनू कैसा चमकता है,और फिर हम उसके बारे में जानना चाहते हैं,कि आखिर कैसे यह जुगनू चमकते हैं? तो चलिए पहले ये जान लेते हैं.

क्या हैं जीवों के चमकाने के पीछे के चमकने का विज्ञान:-

जुगनू के चमकने को विज्ञान की भाषा में बायोल्यूमिनिसेंस कहते हैं।

और यह होता है दो केमिकल के कारण लूसीफेरिन और लूसीफरेज़। देखिए ऐसा होता है कि जब लूसीफेरिन केमिकल ऑक्सीजन के साथ क्रिया करता है तब एनर्जी जनरेट करता है

देखिए इसमें होता क्या है, लूसीफेरिन केमिकल जब ऑक्सीजन के साथ क्रिया करता है, और जोक एनर्जी क्रिएट होती है वह हिट के रूप में ना होकर लाइट के रूप में एमिट होती है। यह प्रक्रिया तभी होती है जब लूसीफेरिन के साथ लुसिफरेज मौजूद हो। और जुगनू ज्यादातर अपने साथी को मीटिंग करने के लिए चमकते हैं।

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