जानिए प्रेग्नेंसी के दौरान दूसरी तिमाही की डायट में कितनी होनी चाहिए पोषक तत्वों की मात्रा

दूसरी तिमाही को अक्सर गर्भावस्था का सबसे अच्छा समय माना जाता है। क्योंकि इसमें प्रारंभिक गर्भावस्था में होने वाली परेशानियां कम हो जाती हैं। प्रेग्नेंसी की दूसरी तिमाही को और अधिक आरामदायक बनाने के लिए, स्वस्थ आहार बहुत जरूरी है, जो गर्भवती महिला और गर्भ में बढ़ते बच्चे को पर्याप्त पोषण उपलब्ध कराए।

दूसरी तिमाही की डायट में इतनी होनी चाहिए पोषक तत्वों की मात्रा

गर्भावस्था की दूसरी तिमाही प्रेग्नेंसी की डायट में आवश्यक पोषक तत्व को बनाए रखें। इस दौरान शिशु की हड्डी और मांसपेशियों के बेहतर निर्माण के लिए पोषक तत्वों से भरपूर डायट की जरूरत होती है।

कैल्शियम को दूसरी तिमाही प्रेग्नेंसी की डायट में शामिल करना चाहिए। गर्भावस्था के दौरान कैल्शियम के लिए अनुशंसित आहार भत्ता 1,000 मिलीग्राम है। कैल्शियम की मात्रा गर्भवती महिला की उम्र और स्वास्थ्य पर भी निर्भर करती है।

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कैल्शियम बच्चे की हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में मदद करता है। यह मांसपेशियों, नसों के सुचारू रूप से चलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

दूसरी तिमाही प्रेग्नेंसी के डायट महत्वपूर्ण है। हालांकि, गर्भावस्था के छठे और 14वें सप्ताह के दौरान कुछ आहार से बचना चाहिए।

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बैक्टीरिया और साल्मोनेला और टॉक्सोप्लाज्मोसिस के साथ कंटैमिनेशन के रिस्क के कारण कच्चे और बिना पके मांस से बचना चाहिए।


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