जानिए कार्डियो किक बॉक्सिंग अभ्यास के फायदे?

कार्डियो वर्कआउट के कई तरह के स्वास्थ्य लाभों से आप भली भांति परिचित हैं। उसी तरह विशेषज्ञों का मानना है कि कॉर्डियो किकबॉक्सिंग के भी कई विशेष फायदे हैं। इसी को लेकर कुछ प्रतिभागियों के साथ तुलनात्मक अध्ययन किया गया। इसके लिए 30 प्रतिभागियों को शामिल कर नियमित कार्डियो व्यायाम और किकबॉक्सिंग के प्रभावों और फायदों को जानने का प्रयास किया गया। इनमें से 15 प्रतिभागियों को 5 सप्ताह तक किकबॉक्सिंग ट्रेनिंग करने के लिए कहा गया। शेष 15 लोगों ने नियमित रूप से कार्डियो व्यायाम जैसे कि जॉगिंग और टेनिस जैसे खेल और अभ्यासों को किया। इसी आधार पर इनके परिणामों को देखा गया।

विशेषज्ञों ने पाया कि जिस ग्रुप को किकबॉक्सिंग के लिए कहा गया था, उनके शरीर के ऊपरी हिस्से की मांसपेशियों की शक्ति, एरोबिक पॉवर, फिटनेस, गति और फुर्ती में काफी सुधार देखा गया। इन लोगों के शरीर के ऊपरी और निचले हिस्से की ताकत में काफी सुधार देखने को मिला। निष्कर्ष यह निकला कि कार्डियो वर्कआउट की तुलना में किकबॉक्सिंग वाले समूह को ज्यादा लाभ मिला।

विशेषज्ञों के मुताबिक कार्डियो किकबॉक्सिंग अभ्यास वजन कम करने और पेट की अतिरिक्त चर्बी घटाने का एक प्रभावी तरीका है। अमेरिकन काउंसिल ऑन एक्सरसाइज के अनुसार, कार्डियो किकबॉक्सिंग अभ्यास करके आप एक घंटे में 450 कैलोरी तक असानी से बर्न कर सकते हैं। कार्डियो किकबॉक्सिंग से होने वाले फायदों की तुलना तैराकी के फायदों से की जा सकती है। तैराकी अभ्यास के दौरान भी पूरे शरीर का व्यायाम हो जाता है। अन्य अध्ययनों से पता चला है कि किकबॉक्सिंग के न्यूरोमस्कुलर लाभ भी हैं। अभ्यास के दौरान किक और पंच मारने से शरीरिक संतुलन में काफी सुधार होता है। इसके अलावा जो लोग मल्टीपल स्केलेरोसिस (एमएस) से पीड़ित है, उन्हें भी किकबॉक्सिंग से काफी लाभ प्राप्त होता है।

कार्डियो किकबॉक्सिंग अभ्यास कार्डियो व्यायामों से बहुत हद तक प्रेरित है, इसलिए इससे निम्न लाभ भी प्राप्त किए जा सकते हैं।

हृदय को लाभ

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार धूम्रपान, मोटापा, उच्च रक्तचाप और गतिहीन जीवनशैली हृदय रोग को बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों में से हैं। कार्डियो वर्कआउट जैसे व्यायाम से आप आसानी से वजन और ब्लड-प्रेशर को नियंत्रित कर सकते हैं। कार्डियो वर्कआउट रक्त में एलडीएल (खराब कोलेस्ट्रॉल) की मात्रा को कम करने के साथ एचडीएल (अच्छे कोलेस्ट्रॉल) की मात्रा को बढ़ाता है। यह दिल की मांसपेशियों के साथ-साथ शरीर के ऑक्सीजन के उपयोग की क्षमता में भी सुधार करता है। इसका मतलब है कि आप अपने रोजमर्रा के कामकाज को अधिक ऊर्जा और थकान महसूस किए बिना भी कर सकते हैं। यह सभी हृदय के लिए काफी लाभकारी होते हैं।

तनाव दूर करने में फायदेमंद

चूंकि, कार्डियो किकबॉक्सिंग उच्च तीव्रता वाला अभ्यास है, ऐसे में यह आपके मस्तिष्क को एंडोर्फिन नामक न्यूरोट्रांसमीटर रिलीज कराने में मदद करता है। यह इंसान को खुशी का एहसास कराने वाला हार्मोन है। जैसे-जैसे आप वर्कआउट के साथ अभ्यस्त होते जाते हैं, उसी के साथ आपका आत्मविश्वास भी बेहतर होता जाता है और आप स्वयं में अच्छा महसूस करते हैं। इसके अलावा, कार्डियो किकबॉक्सिंग अक्सर समूहों में किया जाने वाला अभ्यास है। समूहों में व्यायाम करने से प्रतिस्पर्धा होती है, जिससे आप और अच्छा करने का प्रयास करते हैं। ये सभी कारक आपको रोजमर्रा के तनाव से दूर करेंगे जिससे आप आराम का अनुभव कर सकेंगे।

नींद में सुधार

उच्च तीव्रता वाले व्यायाम करने से आपको अच्छी नींद आती है। कई शोध से पता चला है कि जो लोग नियमित रूप से व्यायाम करते हैं उन्हें अच्छी नींद आती है। हालांकि, आप किस वक्त व्यायाम करते हैं, इसपर भी बहुत कुछ निर्भर करता है। व्यायाम करने से एंडोर्फिन का स्राव और शरीर के तापमान में वृद्धि होती है। इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सोने से पहले व्यायाम नहीं करना चाहिए।

कार्डियो किकबॉक्सिंग अभ्यास का सही तरीका –
कार्डियो किकबॉक्सिंग अभ्यासों की खास बात यह है कि व्यायाम के दौरान आप कई नए तरीकों को आसानी से शामिल कर सकते हैं। कार्डियो किकबॉक्सिंग के लाभ के बारे में आप उपरोक्त बिंदुओं में जान ही चुके हैं। अब इस वर्कआउट को करने से पहले इसके कुछ टर्म को समझ लेना भी जरूरी है।

जैब : सीधे हाथ से पंच मारना।
क्रॉस : दूसरे हाथ से पंच मारना।
अपरकट : फर्श से आर्क के आकार में प्रतिद्वंद्वी के (काल्पनिक) ठुड्डी पर पंच मारना।
हुक : सिर के ऊपर की ओर से होते हुए एक स्विंग पंच मारना।
हाई नी : पैरों को मोड़कर अपने घुटने को छाती के स्तर तक लाना।
फ्रंट किक : पैरों को ऊपर उठाकर घुटने को सीधा करते हुए पंच।
बॉक्सर सफल : यह रेस्टिंग पोजिशन है जिसमें आप धीरे-धीरे पैरों को आगे बढ़ाते हुए उछलते हैं।

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