जानिए तरबूज़ खाने के बेहतरीन फ़ायदे

अपनी ठंडी तासीर के चलते ख़ासकर भयंकर गर्मी भरे दिनों में तरबूज काफ़ी डिमांड में रहता है. वैसे डिमांड में क्यों न रहे? तरबूज है ही इतना लजीज और आकर्षक हैं जो अपने मीठेपन एंवम आकर्षक लाल रंग के चलते हर किसी के मन को भा जाता है. अच्छे से पका हुआ ताज़ा तरबूज काटकर परोसा जाए तो तरबूज खाने वाले भूख और भी बढ़ जाती है. किसी के द्वारा गर्मी के इन दिनों में तरबूज का सेवन नियमित तरीके से किया जाए तो इसका सकरात्मक प्रभाव कई बीमारियों से बचाने में कारगर है.

पानी ही पानी बहुत सारा पानी अपने आप में समाए रखने वाला बेहद लजीज एंवम मीठा तरबूज गुणों के मामले में तुलसी के समान हैं. ऐसा कहने में अतिश्योक्ति नहीं होगी क्योंकि तुलसी की भांति तरबूज में भी शुद्धता होती है क्योंकि यह पोषक तत्वों से भरपूर शुद्ध जल का बेहतरीन स्त्रोत है. जब ये तरबूज का रस बॉडी में जाता है तो न केवल प्यास को शांत करता है बल्कि इसके साथ साथ भूख भी अच्छे से शांत हो जाती है. इतना ही नहीं तरबूज को हज़म करने में शरीर को अधिक ऊर्जा खर्च नहीं करनी पडती है.

इसमें कोई दो राय नहीं है की नियमित तरबूज का सेवन करके आसानी से उन समस्याओं से बच सकते हैं जो समस्याएँ पानी की कमी के चलते शरीर में घर करने लगती है. इसके अरिरिक्त नियमित ताज़ा तरबूज का सेवन करने से मिलने वाले लाइकोपिन के सकारात्मक प्रभाव से त्वचा के निखार में इजाफ़ा होता है.

तरबूज खाने से शरीर में पानी की पूर्ति बढ़ जाती है जिससे अधिक पसीना आने लगता है और हानिकारक कीटाणु बॉडी से बाहर हो जाते है. यही कारण है अक्सर गर्मी के दिनों में नियमित तरबूज का सेवन करने की सलाह बुजुर्गों द्वारा दी जाती है ताकि भयंकर गर्मी के बीच हमारा मन शांत रहे और हम अपना कार्य सुचारू रूप से समय पर अधिक बेहतर ढंग से कर पाएं.

वर्तमान में बिलकुल आम हो चुकी पाचन संबंधित समस्याएँ जैसे की एसिडिटी से निजात पाने हेतु, हमें आसानी से हजम हो जाने वाली खाद्य सामग्री को महत्व देना चाहिए जो ठंडी तासीर वाली भी हों, जैसे की तरबूज. जिसमें प्रचुर पोषक तत्व एंवम विटामिन होते हैं जो दिल की दुरुस्ती नियमित बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं. ख़ासकर ग्रामीण स्तर पर रसीले एंवम मीठे तरबूजों की लाजवाब सब्जी बेहद पसंद की जाती है.

तरबूज का सेवन सुबह अथवा दोपहर के समय करना सबसे उत्तम माना गया है क्योंकि हो सकता है की आप रात को मीठा तरबूज खाकर सोएं और बार बार पेशाब करने जाना पड़े जिससे निद्रा भी पूर्ण नहीं हो पाएगी. इसमें कोई दो राय नहीं की यदि तरबूज का नियमित सेवन करते रहें तो अधिक गर्मी की वजह से होने वाली समस्याएँ जैसे की बार बार तेज सिरदर्द होना, चक्कर आना आदि से काफ़ी हद तक बचे रह सकते हैं. बुजुर्गों के मुताबिक़ गर्मी के मौसम में हमें कच्चे प्याज, लस्सी, रबड़ी और ठंडी तासीर वाले तरबूज का सेवन करना चाहिए जिसके सकारात्मक प्रभाव के चलते अनेकों बीमारियाँ हमसे कोसों दूर रहेंगी.

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