जानिए इस कीड़े को क्यों कहा जाता है किसानों का दोस्त

दुनिया में कई सारे कीड़े मकोड़े पाए जाते हैं। कुछ बहुत ही खतरनाक तो कुछ अच्छे माने जाते हैं। इन्हीं में से एक कीड़ा है जो अपनी विशेषताओं के कारण किसानों का दोस्त माना जाता है और वह है केचुआ।

चलिए जानते हैं केंचुए की इन विशेषताओं के बारे में जिनसे इसे किसान का मित्र का दर्जा दिया गया।

1) केचुआ जमीन के भीतर रहता है और मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बढ़ाता जाता है। इसके साथ साथ यह नाइट्रोजन की मात्रा को भी बढ़ा देता है और मिट्टी में वायु संचार कराने में यह मुख्य भूमिका निभाता है।

2) मिट्टी में मौजूद कचड़े और पदार्थों को सड़ाना गलाना और उसे मिट्टी में मिलाने का कार्य केंचुआ करता है जिसे वर्मी कंपोस्ट कहा जाता है जो मिट्टी के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है।

3) केचुआ गर्मी के समय में 2 से 3 मीटर तक जमीन के अंदर चले जाते हैं और पानी भरने पर बाहर आते हैं। केंचुआ निशाचर होता है जो केवल रात में बिल से बाहर आता है।

4) केंचुए का शरीर 120 भागों में बटा रहता है इनकी लंबाई 15 से 20 सेंटीमीटर होती है और इनका रंग मटमैला होता है।

5) यह अपनी त्वचा से सांस लेने का कार्य करते हैं क्योंकि इनमें सांस लेने वाले अंग नहीं पाए जाते हैं। इनमें सर भी अनुपस्थित होता है और केवल मुंह आगे की ओर पाया जाता है।

6) इनमें नर व मादा के जनन अंग एक ही केंचुए पर पाए जाते हैं जिसे लैंगिक जनन कहा जाता है। जनन के लिए यह अपने शरीर के नर व मादा भाग को मिला लेते हैं।

7) जनन का कार्य बरसात के मौसम में होता है और इसके बाद गर्मियों में अंडों का निर्माण होता है। इसके बाद कोकून का निर्माण होता है और फिर एक वयस्क पैदा होता है। केंचुए का जीवनकाल 3 से 10 वर्ष तक ही होता है।

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