क्या शुगर के मरीजों को तरबूज खाना चाहिए जानिए क्या है सच

डायबिटीज के मरीजों को तरबूज खाना चाहिए या नहीं? यह प्रश्न सभी शुगर के मरीजों को असमंजस में डाल देता है। तरबूज गर्मियों के सबसे पसंदीदा फलों में से एक है, जिसमें प्राकृतिक शुगर पाई जाती है। मधुमेह की स्थिति में मरीज द्वारा सेवन किये जाने वाले आहार और उससे रक्त शर्करा के स्तर पर पड़ने वाले प्रभाव की विशेष जानकारी रखी जाती है। इस बजह से मधुमेह रोगी शुगर युक्त भोजन और फलों को खाने से परहेज करते हैं। चूँकि शुगर के मरीज द्वारा सेवन किये जाने वाले आहार की प्रकृति के आधार पर रक्त शर्करा के स्तर पर प्रभाव पड़ता है। तरबूज में प्राकृतिक शर्करा पाई जाती है, जिसके कारण मधुमेह रोगी के सम्पूर्ण आहार के आधार पर तरबूज के फायदे और नुकसान प्रगट होते हैं। इस लेख में आप जानेगें डायबिटीज के मरीजों को तरबूज खाना चाहिए या नहीं।

तरबूज मधुमेह के लिए अच्छा है? –
डायबिटीज की स्थिति में मीठे और शर्करा युक्त पदार्थों के सेवन से परहेज किया जाता है। लेकिन यह जानना अतिआवश्यक है, कि तरबूज का एक निश्चित मात्रा में सेवन मधुमेह की स्थिति को नियंत्रित करने में सहायक होता है। शुगर में तरबूज (Watermelon) की मध्यम मात्रा का सेवन मधुमेह रोगियों में मीठा खाने की इच्छा पर रोक लगाने के साथ-साथ लंबे समय तक पेट के पूर्ण भरे होने की भावना को भी महसूस करा सकता है। चूँकि तरबूज में 90 प्रतिशत से अधिक पानी पाया जाता है, अतः यह भूख में कमी करने और व्यक्ति को हाइड्रेटेड (hydrated) रखने में सहायता करता है। अतः इन सभी विशेषताओं के कारण तरबूज का सेवन डायबिटीज मरीजों में आहार की सीमित करने और वजन कम करने में सहायता कर सकता है। संक्षिप्त रूप में तरबूज टाइप 2 मधुमेह या प्रीडायबिटीज (prediabetes) वाले लोगों के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

मधुमेह रोगियों को कितना तरबूज खाना चाहिए –
डायबिटीज में तरबूज (Watermelon) की दैनिक मात्रा का सेवन रोगी की स्वास्थ्य स्थिति और आहार योजना पर निर्भर करता है। एक जिन लोगों को मधुमेह की समस्या है, उन्हें कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वैल्यू वाले स्वस्थ वसा, फाइबर और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों के साथ तरबूज खाने की सलाह दी जाती है। अर्थात व्यक्ति नट्स और बीज (seeds) के साथ तरबूज का सेवन कर सकते हैं। मधुमेह की स्थिति में निम्न शर्करा युक्त आहार या कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वैल्यू (low GI value) वाले खाद्य पदार्थों के साथ तरबूज का सेवन लोगों को लंबे समय तक पूर्णता की भावना को महसूस कराने में मदद कर, रक्त शर्करा के स्तर पर पड़ने वाले प्रभाव को भी कम कर सकता है। अतः जब भी डायबिटीज मरीज तरबूज का सेवन करते हैं तो उन्हें अन्य शर्करा युक्त आहार का सेवन नहीं करना चाहिए।

क्या कहती है रिसर्च –
तरबूज में पोषक तत्व मधुमेह को नियंत्रित करने और रक्तचाप में सुधार करने में योगदान दे सकते हैं। अध्ययन से पता चला कि तरबूज का सेवन मधुमेह से जुडी हुई कुछ जटिलताओं के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि अभी भी मधुमेह और तरबूज (Watermelon) के बीच सम्बन्ध को स्पष्ट करने के लिए बड़े पैमाने पर मानव परीक्षणों की आवश्यकता है।

तरबूज में मध्यम मात्रा में लाइकोपीन (lycopene) पाया जाता है। लाइकोपीन एक प्रकार का वर्णक है, जो फल को रंग प्रदान करता है। यह एक शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट होता है। लाइकोपीन, मधुमेह की स्थिति में हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। लगभग 68 प्रतिशत मधुमेह से सम्बंधित व्यक्तियों की 65 वर्ष या उससे अधिक की उम्र में हृदय रोग से मरने की संभावना अधिक होती है।

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