खूबसूरत दिखने की चाह कहीं बीमार न बना दे, मेकअप में हो सकते हैं घातक बैक्टीरिया

किसी शादी-ब्याह या पार्टी में ज्यादातर महिलाएं मेकअप करना पसंद करती हैं। यही वजह है कि आधुनिक युग में मेकअप उत्पादों की भारी मांग है। हालांकि, कम ही लोगों को पता है कि मेकअप में कई जहरीले उत्पाद भी होते हैं, जिनके कारण गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

जनरल ऑफ एप्लाइड माइक्रोबायोलॉजी में प्रकाशित ताजा रिसर्च के मुताबिक मेकअप में बैक्टीरिया हो सकते हैं, जो त्वचा संबंधी रोगों के साथ कई तरह का संक्रमण फैलाता है।

क्या कहती है रिपोर्ट?
जनरल ऑफ एप्लाइड माइक्रोबायोलॉजी में छपी रिसर्च में यह खुलासा हुआ है कि कई मेकअप प्रोडक्ट जैसे कि ब्यूटी ब्लेंडर, लिप ग्लॉस, मस्कारा में जानलेवा बैक्टीरिया या सुपरबग हो सकता है। जिसको लेकर अध्ययनकर्ताओं ने मेकअप प्रोडक्ट्स को लेकर लोगों को अलर्ट किया है।

अध्ययन के अनुसार शोधकर्ताओं को जांच के दौरान 10 में से 9 मेकअप प्रोडक्ट्स में ऐसे बैक्टीरिया मिले हैं, जो न केवल त्वचा संबंधी रोग बढ़ा सकते हैं, बल्कि मुंह, आंख और कटी स्किन पर इनके इस्तेमाल से संक्रमण शरीर में फैलने की आशंका थी।
मेकअप प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से संक्रमण फैलने का अधिक जोखिम उन लोगों में है, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता यानि इम्यूनिटी पावर कम है।
शोधकर्ताओं के मुताबिक रिसर्च में पता चला कि सबसे ज्यादा बैक्टीरिया (93 प्रतिशत) ब्यूटी ब्लेंडर यानि कि स्पंज में पाए जाते हैं, क्योंकि अधिकांश मामलों में लोग इन्हें इस्तेमाल कर साफ ही नहीं करते हैं।
मेकअप के दौरान कभी न कभी करीब दो तिहाई यानि 64 फीसदी ब्लेंडर मेकअप के दौरान फर्श पर गिर जाते हैं और उन्हें साफ भी नहीं किया जाता। कई लोग इसे मेकअप के बाद गीला ही छोड़ देते हैं, जिस वजह से इसमें बैक्टीरिया बढ़ने की आशंका काफी हद तक बढ़ जाती है।
दुनिया भर में सेलिब्रिटी ऐसे स्पॉन्ज को प्रमोट करते हैं और इसी वजह से दुनियाभर में 65 लाख से ज्यादा स्पॉन्ज बिक चुके हैं।

मेकअप प्रोडेक्ट्स में बैक्टीरिया की वजह

रिसर्च के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि अधिकतर इन प्रोडक्ट्स को इस्तेमाल कर यूं ही गीला या नम छोड़ दिया जाता है, ये भी एक कारण है कि इनमें हानिकारक बैक्टीरिया पैदा हो जाते हैं।
रिसर्च से जुड़ी प्रमुख शोधकर्ता अमरीन बशीर के मुताबिक विशेष रूप से जब ब्लेंडर्स जैसे प्रोडक्ट को इस्तेमाल करने की बात आती है, तो इस स्थिति में कुछ लोगों में स्वच्छता का अभाव दिखता है। यही कारण है कि रिसर्च टीम को ब्लेंडर में ई-कोलाइ नामक घातक बैक्टीरिया मिला, जो कि मल की गंदगी से जुड़ा है और ये एक चिंता की बात है।

कैसे होगा बचाव?
रिसर्च से पता चलता है कि मेकअप उपभोक्ता अनजाने में खुद को जोखिम में डाल रहे हैं। हालांकि, इसके लिए उत्पाद निर्माताओं को अपने ग्राहकों की सुरक्षा के लिए पैकेजिंग के दौरान एक्सपायरी डेट और सफाई की जरूरत को प्रमुखता से दिखाना होगा।

यूरोपीय संघ ने मेकअप ब्रांड के लिए प्रोडक्ट के निर्माण के तहत स्वच्छता का स्टैंडर्ड या पैमाना तय किया हुआ है, जिसमें साफ कहा गया है कि नए कॉस्मेटिक प्रोडक्टस में विशेष रूप से ई-कोलाइ बैक्टीरिया नहीं मिलना चाहिए।

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