पुदीने के तेल के औषधीय गुण दिलाएं सिरदर्द से छुटकारा

पुदीने में एंटीमाइक्रोबायल गुण होते हैं। यह जड़ी बूटी औषधीय रूप से उपयोग की जाती है। कई अन्य जड़ी-बूटियों और औषधीय तेलों के विपरीत, पुदीने व पुदीने के तेल से स्वास्थ्य लाभों को शोध द्वारा साइंस ने भी सिद्ध किया है। यह तेल कैप्सूल और गोलियों के रूप में भी बेचा जाता है। वैकल्पिक तथा आधुनिक चिकित्सा में डॉक्टरों द्वारा देने की सलाह दी जाती है। पेपरमिंट तेल का उपयोग स्वाद बढ़ाने के लिए भी किया जा सकता है।

पुदीने के तेल के गुण हैं एलर्जी में लाभकारी –
पेपरमिंट तेल एलर्जी की समस्या को दूर करने के लिए लाभकारी हो सकता है। यदि आप लौंग के तेल और नीलगिरी के तेल के साथ पुदीने के तेल को मिक्स करके सूंघते हैं, तो आपको पराग कणों के कारण होने वाली एलर्जी की समस्या से छुटकारा मिल सकता है।

पुदीने के तेल को आप लैवेंडर तेल और नींबू के तेल के साथ मिलाकर भी एलर्जी का एक प्रभावी उपचार तैयार कर सकते हैं। हालांकि, इस तरह का कोई भी मिश्रण बनाने से पहले ये देख लें कि मिश्रण में उपयोग होने वाले किसी अन्य तेल से आपको एलर्जी तो नहीं है।

पुदीने के तेल का उपयोग करे बुखार में –
पुदीने के तेल की तासीर ठंडी होती है और इसका उपयोग बुखार को कम करने के लिए किया जाता है। इसे अक्सर “गर्मी शांत करने वाला” कहा जाता है। क्योंकि इसमें किसी भी प्रभावित क्षेत्र को जल्दी से ठंडा करने वाले गुण होते हैं।

पुदीने के तेल को बुखार के लिए उपयोग करने का सबसे प्रभावशाली तरीका इससे छाती पर मालिश करना है। पुदीने के तेल के साथ किसी अन्य तेल को मिलाकर उपयोग करने से इसके प्रति सवेंदनशीलता वाले लोग किसी तरह की परेशानी या जलन से बच सकते हैं।

पुदीने के तेल का प्रयोग हैं मुहांसों में लाभकारी –
हमारे चेहरे पर एक छोटा सा पिंपल भी हमारे मूड और रात की नींद को खराब कर देता है। लेकिन ऐसे में आप पुदीने के तेल का सहारा ले सकते हैं। पेपरमिंट आयल में मेन्थॉल होता है, जो त्वचा के लिए बहुत ही लाभकारी होता है क्योंकि इससे ठंडक मिलती है। इसके अलावा, यह डल स्किन को पोषण देने और तैलीय त्वचा से बचाता है।

पुदीने के तेल के औषधीय गुण दिलाएं सिरदर्द से छुटकारा –
सिरदर्द से राहत पाने के लिए पुदीने का तेल सबसे अच्छे प्राकृतिक इलाज में से एक है। पेपरमिंट आयल में शांत रखने और सूजन को कम करने वाले गुण होते हैं। इन्हीं गुणों के कारण यह तेल मतली और सिरदर्द के लिए एक बहुत ही अच्छा घरेलू उपाय है। सिरदर्द को जल्दी से कम करने के लिए, इसे सीधे माथे पर लगाएं।

इस तेल के उपयोग से मतली और मॉर्निंग सिकनेस की समस्या को खत्म किया जा सकता है। इसके अलावा एक रूमाल पर इस तेल की कुछ बूंदों को छिड़कें और सिरदर्द से छुटकारा पाने के लिए रुमाल को सूंघें। यह उपाय माइग्रेन के साथ साथ तनाव से छुटकारा प्राप्त करने में प्रयोग किया जाता है। 2007 में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, पुदीने के तेल द्वारा की गई 15 मिनट की मसाज से कुछ रोगियों में माइग्रेन के दर्द को कम करने में मदद मिली।

पुदीने के तेल का इस्तेमाल करें बालों के विकास में मदद –
क्या समय के साथ साथ आपके बालों की गिनती कम हो रही है? क्या आपको गंजेपन का डर सता रहा है? तो ऐसे में आपको पुदीने के तेल का उपयोग करना चाहिए। क्योंकि पुदीने के तेल का उपयोग बालों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। यह तेल गंजेपन से पीड़ित लोगों में बालों को बढ़ाने और उन्हें चमकदार बनाने में मदद कर सकता है। पुदीने के तेल में एंटीसेप्टिक और री- जेनरेटिव गुण होते हैं जो सिर की त्वचा के रूखेपन (dry scalp) और जलन से छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं।

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