उत्तराखंड में ग्लेशियर पिघलने का क्या कारण है? जानिए यह बड़ी वजह

उत्तराखंड मैं ग्लेशियर पिघलने से हुआ हादसा उत्तराखंड के जोशीमठ में बड़ा हादसा हुआ है। जोशीमठ में ग्लेशियर फटने से अलकनंदा नदी और धौलीगंगा नदी में बाढ़ आ गई है। ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट को नुकसान पहुंचने की खबर है।

उत्तराखंड (Uttarakhand) के जोशीमठ (Joshimath) में बड़ा हादसा हुआ है। चमोली जिले के तपोवन इलाके में रविवार को ग्लेशियर फटने (Glacier burst) से ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट को भारी नुकसान पहुंचा है. इसे साथ ही एनटीपीसी की एक साइट भी प्रभावित हुई है। आपदा प्रभावित दोनों स्थलों में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। इस बीच, तपोवन एनटीपीसी (NTPC) की साइट में तीन लोगों के शव बरामद हुए हैं. प्रोजेक्ट साइट पर काम कर रहे श्रमिकों के वास्ते राहत और बचाव कार्य जारी है। अब तक आठ शव बरामद किए गए हैं।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी ट्वीट कर लोगों से अफवाह से बचने की सलाह दी है। उन्होंने कहा चमोली जिले से एक आपदा का समाचार मिला है। जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और आपदा प्रबंधन को इस आपदा से निपटने के आदेश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान ना दें। सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है। दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा,”मैं स्वयं घटनास्थल के लिए रवाना हो रहा हूं, मेरा सभी से निवेदन है कि कृपया कोई भी पुराने वीडियो शेयर ना करे। स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठा लिए गए हैं। आप सभी धैर्य बनाए रखें।

ग्लेशियर के टूटने से अलकनंदा नदी और धौलीगंगा नदी में हिमस्खलन और बाढ़ के चलते आसपास बसे लोगों को हटाया जा रहा है। कई घरों के बहने की आशंका भी जताई जा रही है। साथ ही जोशीमठ के करीब बांध टूटने की भी खबर है। आईटीबीपी के जवान बचाव कार्य के लिए पहुंच गए हैं। एनडीआरएफ की टीमें गाजियाबाद से चमोली के लिए भेजी जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को हर संभव मदद का भरोसा।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *