पुराने कंप्यूटर सफेद कलर के ही क्यों होते थे? जाने पूरी जानकारी

आज हम बात करेंगे की जो पहले के जमाने के कम्प्युटर आते थे यानि की जो 1980 या 1990 के आसपास के वो सफ़ेद कलर के ही क्यों होते हैं और उसके सभी पार्ट्स भी सफ़ेद कलर के ही क्यों होते थे उसका हम कारण जानेंगे।

जब दोस्तो विंडोज आया तब से कम्प्युटर बहोत लोकप्रिय होने लगे क्यों की माइक्रोसॉफ़्ट का विंडोज एक ऐसा ओपेरेटिंग सिस्टम हैं जो यूस करने मे बहोत आसान हैं इसलिए विंडोज के कम्प्युटर 1980 और 1990 के जमाने मे बहोत लोकप्रिय होने लगे थे।

जब दोस्तो ये कम्प्युटर आए थे तो उस वक्त माइक्रोसॉफ़्ट ने सभी जगह इसकी एडवेरटाइसमेंट भी बहोत की थी और उस वक्त कम्प्युटर को एक बहोत पावरफूल यंत्र माना जाता था।

उस वक्त कम्प्युटर को ऑफिस के लिए बनाया गया था और जिसके ऑफिस मे कम्प्युटर होते थे तो देखने वाला भी हेरान हो जाता था क्योंकी कम्प्युटर को उस वक्त एक ऐसा यंत्र माना जाता था की उसमे सारे डेटा स्टोर कर सके और जो काम इंसान नहीं कर सकते थे पर वो काम कम्प्युटर कर दिखाता था।

1980 के जमाने ऑफिस भी सफ़ेद कलर के होते थे और कम्प्युटर को तो ऑफिस के लिए ही बनाया गया था इसलिए कम्प्युटर का कलर भी सफ़ेद क्रीम जैसा कलर कर दिया यानि की थोड़ा उसके ग्रे भी मिक्स था।

जब कम्प्युटर को सफ़ेद ही कलर मे बनाया तो वो कीबोर्ड और माऊस क्यों छोड़ते क्योंकि अगर माऊस और कीबोर्ड को अलग-अलग कलर मे बनाया जाता तो वो मेच नहीं होता था और इसके लिए कम्प्युटर और उसके सारे कोम्पोनेंट्स को एक ही तरह सफ़ेद कलर का बनाया गया ताकि वो ऑफिस के कलर के साथ मेच हो जाये।

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