अगले कुछ घंटों में दिल्ली समेत इन इलाकों में चलेंगी तेज बारिश होने की संभावना

चक्रवात ताउते (Cyclone Tauktae) के असर से अगले 2 घंटे के दौरान दिल्ली-NCR (गुरुग्राम, मानेसर, लोनी देहात, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा) समेत पानीपत, गोहाना, भिवानी, झज्जर, नारनौल, महेंद्रगढ़, कोसली, बावल, रेवाड़ी (हरियाणा) मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, नजीबाबाद, बिजनौर, रामपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, गढ़मुक्तेश्वर, हापुड़, चंदौसी (UP) विराटनगर, महानीपुर बालाजी, महावा, राजगढ़, अलवर (राजस्थान) के अलग-अलग इलाकों में 30 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार के साथ तेज हवाएं चलने, साथ ही हल्की से मध्यम बारिश होने की आशंका है.

भीषण चक्रवाती तूफान ताउते (Severe Cyclonic Storm) सोमवार रात गुजरात के सौराष्ट्र तट से टकराया और इस दौरान हवा 185 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से चलीं. इससे पहले चक्रवात के चलते मुंबई में भारी बारिश (Rain) हुई और गुजरात में दो लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थनों पर पहुंचाना पड़ा. इसके चलते दो नौकाएं तट से दूर अरब सागर में चली गई हैं, जिन पर 410 लोग सवार हैं. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक चक्रवात के रात करीब 9:30 बजे टकराने के दौरान केंद्र शासित दीव में 133 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं.

कुछ स्थानों पर हुआ जानमाल का नुकसान

अरब सागर से उठे चक्रवाती तूफान ताउते के असर से बीते चौबीस घंटे में तीनों राज्यों सहित कुछ अन्य राज्यों के अनेक हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई. कुछ स्थानों पर जानमाल के नुकसान की भी खबरें हैं. हालांकि राजस्थान में चक्रवात का कोई सीधा असर नहीं देखा गया लेकिन उसके कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं से जनजीवन अस्तव्यस्त हुआ. मुंबई में चक्रवाती तूफान ताउते के कारण 230 मिलीमीटर बारिश हुई. एक मौसम विशेषज्ञ ने इसे दर्ज इतिहास में मई में 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश होने का दावा किया है.

चक्रवाती तूफान के कमजोर पड़ने के बाद भी मची तबाही

गुजरात में चक्रवाती तूफान ‘ताउते’ के कारण हुई घटनाओं में कई लोगों की मौत हो गई और राज्य के पश्चिमी तट पर इससे भारी तबाही मची है. मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि चक्रवात ‘ताउते’ सोमवार की मध्यरात्रि में सौराष्ट्र क्षेत्र के दीव और ऊना के बीच गुजरात तट से टकराने के बाद कमजोर पड़ गया है. यह गुजरात तट से ‘अत्यंत तीव्र चक्रवाती तूफान’ के रूप में गुजरा और धीरे-धीरे कमजोर पड़ गया. लेकिन चक्रवाती तूफान के कमजोर पड़ने के बाद भी इससे भारी तबाही मची है.

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