आपकी कुंडली में केतु अशुभ है तो आएंगी मुसीबतें

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार केतु का गोचर एक बड़ी ज्योतिषीय घटनाओं में से एक माना गया है। अगर केतु अपना राशि परिवर्तन करता है तो इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर कुछ ना कुछ अवश्य पड़ता है। आज केतु, धनु से वृश्चिक राशि में प्रवेश कर रहा है। ज्योतिष के जानकारों के अनुसार केतु एक छाया ग्रह है और इसका कोई भी अपना वास्तविक आकार या स्वरूप नहीं होता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में केतु अशुभ है तो इसकी वजह से जीवन में बहुत सी परेशानियां उत्पन्न होने लगती हैं परंतु कुंडली में केतु ग्रह का मजबूत होना शुभ परिणाम की तरफ इशारा करता है। आखिर आप अपनी कुंडली में केतु की अशुभ स्थिति कैसे देख सकते हैं? आज हम आपको इसके बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। साथ ही केतु के बुरे प्रभाव से छुटकारा पाने के कुछ उपाय बताने वालें हैं।

कुंडली में केतु अशुभ होने पर मिलते हैं यह संकेत
यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में केतु अशुभ है तो उसको पैरों से संबंधित तकलीफ से उत्पन्न होने लगती है।
कुंडली में केतु अशुभ होने की वजह से वाहन दुर्घटना में पैर में चोट लगने की संभावना रहती है, इसके अलावा पैरों में दर्द भी रहता है।
केतु का सिर नहीं है बल्कि धड़ है। इसलिए यदि यह किसी व्यक्ति की कुंडली में अशुभ होता है तो शरीर के निचले हिस्से पर प्रभाव पड़ता है।
केतु अशुभ होने की वजह से मूत्राशय से जुड़ी हुई परेशानियां और जोड़ों में दर्द की शिकायत उत्पन्न होने लगती है।
अगर आपकी कुंडली में केतु अशुभ है तो आपको मानसिक परेशानियों से गुजरना पड़ेगा। आपका ध्यान इधर-उधर भटकता रहेगा। कानूनी विवाद में भी फंसने का भय बना रहता है।
कुंडली में केतु की अशुभ स्थिति की वजह से आर्थिक परेशानियों से गुजरना पड़ता है। लगातार धन हानि होती रहती है। व्यापार में घाटा होने लगता है। हाथ में आया अच्छा अवसर भी निकल जाता है। पैतृक संपत्ति ना मिल पाने की स्थिति में यह केतु कमजोर होने का संकेत दर्शाता है।
अगर लाख कोशिश करने के बावजूद भी आपको अपनी मेहनत का फल नहीं मिल पा रहा है तो आपको समझ लेना चाहिए कि आपकी कुंडली में केतु की स्थिति अशुभ है क्योंकि कुंडली में केतु शुभ नहीं होने की वजह से व्यक्ति चाहे कितनी भी मेहनत कर ले परंतु उसके अनुसार परिणाम नहीं मिल पाता है।
कुंडली में केतु को मजबूत बनाने के लिए करें यह उपाय
अगर आप कुंडली में केतु की खराब स्थिति की वजह से परेशान हो रहे हैं तो ऐसे में आप ज्योतिष शास्त्र मैं बताए गए कुछ उपाय कर सकते हैं। केतु को मजबूत बनाने के लिए आप भगवान गणेश जी की आराधना कीजिए।
कुंडली में केतु को मजबूत बनाने के लिए आप दो रंग वाले कुत्ते को रोटी खिलाएं, इससे जल्द ही आपको लाभ मिलेगा।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि कुंडली में कमजोर केतु को आप मजबूत बनाना चाहते हैं तो इसके लिए रत्न, जड़ी और रुद्राक्ष को धारण कर सकते हैं। इन तरीकों को अपनाकर केतु से मिलने वाले बुरे प्रभाव से छुटकारा प्राप्त हो सकता है।

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