कोरोना से ठीक होने के इतने हफ्तों तक रहता है ब्लैक फंगस का अधिक खतरा?

कोरोना महामारी के बीच देश में अब ब्लैक फंगस(Mucormycosis) नामक बीमारी का भय बना हुआ है। बता दें कि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देशभर में इस बीमारी के आठ हजार से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। इसे लेकर केंद्र ने भी सभी राज्यों से अपील की है कि इस Mucormycosis को महामारी घोषित करें। वहीं कई राज्यों में ब्लैक फंगस को महामारी घोषित किया जा चुका है। बता दें कि इस घातक बीमारी का असर सबसे अधिक कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों में देखा जा रहा है। वहीं अब एम्स के एक सीनियर डॉक्टर ने इस महामारी को लेकर जानकारी दी है कि, आखिर कोरोना से ठीक होने वालों में ब्लैक फंगस(Black Fungus) का खतरा कितने हफ्तों तक अधिक रहता है। बता दें कि एम्स के न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. पी सरत चंद्रा ने इस संबंध में बताया है कि कोरोना से संक्रमित हो चुके मरीजों को छह हफ्तों तक ब्लैक फंगस का खतरा सबसे अधिक होता है। ऐसे में उन्हें बेहद बचाव की स्थिति में रहना होगा।

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए पी. सरत चंद्रा ने जानकारी दी कि, ”फंगल इंफेक्शन कोई नई बात नहीं है, लेकिन यह महामारी के स्वरूप पहले कभी नहीं हुआ है। इसके पीछे का हम सटीक कारण नहीं जानते कि आखिर यह महामारी के अनुपात में क्यों फैल रहा है लेकिन हमारे पास यह मानने के लिए कई कारण हैं।”

उन्होंने आगे बताया कि ब्लैक फंगस होने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कारणों में अनियंत्रित डायबिटीज, इलाज के दौरान टोसीलिज़ुमैब के साथ स्टेरॉयड का ठीक तरीके से नहीं इस्तेमाल, वेंटिलेशन पर रहने वाले मरीज और सप्लीमेंट ऑक्सीजन लेना शामिल हैं। उन्होंने कहा कि, अगर कोरोना इलाज के छह हफ्तों के भीतर किसी मरीज को इनमें से कोई फैक्टर हैं तो उस मरीज में ब्लैक फंगस होने का सबसे ज्यादा रिस्क है।

देशभर में 8,848 केस

बता दें कि भारत में अब तक लगभग 8,848 म्यूकोर्मिकोसिस (ब्लैक फंगस) के मामले सामने आए हैं, जो कोविड-19 से उबरने वालों में तेजी से फैलने वाले संक्रमणों में से एक है। इस संक्रमण की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए, केंद्र सरकार ने ब्लैक फंगस के इलाज के लिए एक प्रमुख दवा एम्फोटेरिसिन-बी की शीशियों के आवंटन में तेजी लाने पर जोर दिया है। इस दिशा में केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री डी. वी. सदानंद गौड़ा ने एम्फोटेरिसिन-बी की 23,680 अतिरिक्त शीशियों के आवंटन की घोषणा की है। मंत्री ने यह भी बताया कि आवंटन कुल मरीजों की संख्या के आधार पर किया गया है, जो देश भर में लगभग 8,848 है।

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