गणेशजी को गजराज का सर लगाने के बाद, उनके असली कटे हुए सर का क्या हुआ? जानिए

किसी मनुष्य के धड़ पर हाथी का शिर लग ही नहीं सकता । असम्भव शब्द इसी प्रकार के कार्यों के लिए ही बना है । मनुष्य और हाथी की गर्दन का पैमाना क्या समान है ? दूसरा , शिर विहिन मनुष्य के शरीर पर हाथी का शिर लगाकर देखिए

, क्या गणेश जैसी आकृति बन सकती है ? किस्से कहानियों के सिवाय आजतक कटे हुए मनुष्य के शिर की जगह दूसरे मनुष्य ही का शिर तो प्रत्यारोपित किया नहीं जा सका है फिर हाथी शिर का प्रत्यारोपण कैसे सम्भव है ?

ये केवल किस्से कहानियां हैं ।अन्तर केवल इतना है कि इन कहानियों को धर्म के साथ जोड़ दिया गया है । और धर्म के क्षेत्र में तर्क करना धर्मद्रोह, नास्तिकता और मूर्खता है । लेकिन वास्तविकता यह है कि इनमें सत्यता ढूंढना नासमझी है ।

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