जानिए सील बट्टे की चटनी और मिक्सर की चटनी के स्वाद में इतना अंतर क्यों होता है?

अक्सर ही लोगों के ये कहते हुए सुनती हूँ की माँ की हाथो का ये अच्छा होता है वो अच्छा होता और आजकल वो स्वाद कहा जो माँ की हाथो में होता था. तो थोड़ा मै अपने अनुभव के आधार पर यह बताना चाहती हूँ कि आखिर क्यों ऐसा होता है.

सबसे पहले तो ये बता दू की पहले जब मिक्सर इतना आम नहीं था तो लोग सील बट्टे का ही प्रयोग किया करते थे, चाहे वो मसालो को पीसने के लिए हो या चटनी को.

अब बात आती है की सील बट्टे में स्वाद अलग क्यों होता है और मिक्सर के पीसे हुए चीजों का स्वाद दूसरा क्यों होता है.

जब हम सील बट्टे का प्रयोग किसी चीज को पीसने के लिए करते है तो पीसी जाने वाली सामग्री का रस बाहर निकलता है और दूसरे सामग्री के रसो से मिल जाता है, जबकि मिक्सर चीजों को छोटे छोटे टुकड़ो में काटता है न की पीसता है, मिक्सर में रस कम निकालता है और सील बट्टे में ज्यादा| तो होता यह है की हमारी जीभ की स्वाद ग्रंथिया ठोस पदार्थो की तुलना में रसो के प्रति ज्यादा सेंसिटिव होती है | इसलिए हमको सील बट्टे के पीसे हुए चटनी और मसलो का स्वाद मिक्सर में पीसे हुए चीजों से ज्यादा अच्छा लगता है.

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