जीपीयू और सीपीयू में क्या अंतर है ,जानिए

आमतौर पर लोग बस इनके बारे में इतना जानते हैं कि जीपीयू [1](GPU) ग्राफ़िक या डिस्प्ले से जुड़ा कोई हार्डवेयर है और सीपीयू [2](CPU) मतलब मुख्य प्रोसेसर, प्रोसेसर, माइक्रो प्रोसेसर या कंट्रोलर से सबंधित कोई चिप. लेकिन असल बात बस इतने तक नहीं है. दरअसल कोई भी कंप्यूटर या मोबाइल बिना जीपीयू या ग्राफ़िक्स प्रोसेसिंग यूनिट के कभी भी कोई डिस्प्ले आउटपुट कर ही नहीं सकता. अब कई प्रश्न लोगों के मन में आते हैं:

क्या GPU केवल डिस्प्ले को आउटपुट करने तक ही सीमित है, अगर ऐसा है तो क्यों लोग अलग से इतने महंगे GPU या डेडिकेटेड ग्राफ़िक्स कार्ड अपने लैपटॉप या डेस्कटॉप में लगवाते हैं? बिना कोई डेडिकेटेड ग्राफ़िक्स कार्ड के भी तो डिस्प्ले आता हैं ना? मेरे पास जो लैपटॉप या डेस्कटॉप है उसमे तो कोई भी ग्राफ़िक्स कार्ड नहीं लगा लेकिन फिर भी 4K हाई रेजॉलूशन वीडियो को सपोर्ट करता है वो भी 32 बिट कलर स्कीम के साथ. क्या इतना काफी नहीं है? फिर भी लोग GPU के पीछे इतना दीवाना क्यों हैं?

चलिए देखते हैं कि क्या हमें अलग से GPU की जरुरत है और अगर है तो क्यों है और इसका काम क्या है. दरअसल आज जो भी लैपटॉप या डेस्कटॉप आते हैं उनमें मुख्य रूप से तीन रूपों में ये जीपीयू सिस्टम के साथ लग कर आते हैं.

पहला है इनबिल्ट GPU या ऑनबोर्ड GPU जो कि बहुत सामान्य है और अधिकांश कंप्यूटर या लैपटॉप इस तरह के GPU के साथ ही आते हैं. दूसरा है iGPU या इंटीग्रेटेड GPU जो कि CPU का ही एक हिस्सा होता है यानि एक ही चिप जो हमारा CPU है वही GPU का भी काम करता है. फिर तीसरा एक प्रकार है जिसमें इन सबके बावजूद भी अलग से GPU कार्ड लगे होते हैं. जाहिर सी बात है जब सिस्टम में पहले से ही जीपीयू हैं और उसके बाद भी GPU कार्ड अगर सिस्टम में है तो कुछ तो बात होगी न?

तो अब चलिए CPU और GPU के काम को भी समझ लेते हैं. पहले बात करे थें CPU की. आपके सिस्टम में जो CPU लगा है न वो कोई मामूली चिप नहीं है अगर वो ना हो तो आपको डिस्प्ले यूनिट या मॉनिटर, कीबोर्ड और माउस के साथ CPU जैसे शक्तिशाली और जटिल सर्किट के लिए आपका पूरा का पूरा आपका कमरा या शायद घर भी छोटा पड़ जाए. वो कैसे? चलिए आपको मैं बताता हूँ, जरा सोचिये जब पहली बार 1971 में इंटेल कंपनी ने 4 बिट वाला सिंगल चिप माइक्रो प्रोसेसर (CPU) Intel 4004[3] मार्किट में उतारा था तो इसकी क्लॉक स्पीड थी 750 kHz जिसपर लगभग 2300 ट्रांसिस्टर्स (Transistors) लगे हुए थे जबकि आज एक शुरुआती सस्ते एटम प्रोसेसर[4] में भी 47 लाख के लगभग ट्रांजिस्टर होते हैं. वहीं अगर आप आज एक i3 प्रोसेसर को देखे तो उसपर लगभग 180 करोड़ ट्रांसिस्टर्स लगे होते हैं इसके अलावा अन्य छोटे कॉम्पोनेन्ट भी तो उनपर होते हैं जैसे कि डायोड, रेसिस्टर, कपैसिटर आदि. यानि एक माइक्रोप्रोसेसर भी अपने अंदर में पूरा का पूरा मदरबोर्ड के साथ इतने सारे कम्पोनेक्ट्स को भी समाहित किये हुए होता है. जरा सोचिये अगर आप इतने कंपोनेंट्स को मार्किट से आप खरीदकर खुद से असेम्ब्ल कर पाएंगे? और अगर कर भी लेंगे तो कल्पना कर के सोचिये कि ये सर्किट कितना विशाल होगा.

सीपीयू (CPU) या माइक्रोप्रोसेसर को कंप्यूटर या मोबाइल का ब्रेन भी कहा जाता है क्योकि इसमें कई विभिन तरह के सर्किट अलग-अलग कामों के लिए लगे होते हैं जैसे कि गणनाओं के लिए अरिथमेटिक लॉजिकल यूनिट (ALU) होता है, इसमें कैश मेमोरी यूनिट और मेमोरी कंट्रोलर भी होता है, इसके अलावा इसमें विभिन इनपुट और आउटपुट हार्डवेयर और सेंसर को नियंत्रित करने के लिए इनपुट/आउटपुट कंट्रोलर भी होता है. किसी भी तरह के डाटा और संकेतों के प्रक्रिया में यह CPU ही मुख्य रूप से जिम्मेदार होता है. पहले जो CPU आते थे वो सिंगल कोर यानि उनमे एक ही प्रोसेसिंग यूनिट होता था लेकिन आज एक ही माइक्रोप्रोसेसर चिप पर कई कोर बने हुए होते हैं. यानि एक फिजिकल माइक्रो प्रोसेसर पर ही कई CPU लगे होते हैं.

जीपीयू (GPU) को ग्राफ़िक्स प्रोसेसिंग यूनिट के नाम से जानते हैं. यह भी एक प्रकार का माइक्रोप्रोसेसर ही है. इसमें भी CPU की ही तरह अरिथमेटिक लॉजिकल यूनिट (ALU[5]), कैश मेमोरी यूनिट और मेमोरी कंट्रोलर होता है इसलिए यह भी निर्देशों और सूचनाओं के संचरण के साथ गणनाएं करने में सक्षम है. जहाँ एक और CPU काफी तीव्र गणनाओं को एक साथ कई तरह के इनपुट/आउटपुट निर्देशों को नियंत्रित करने और सूचनाओं के आदान-प्रदान में सक्षम है वहीं GPU एक ही खास तरह की गणनाओं के साथ एक सीमित और निश्चित इनपुट आउटपुट निर्देशों को नियंत्रित और प्रोसेस करने में सक्षम है. अगर मैं इसको दूसरे शब्दों में कहूं तो CPU कई अनेक सूचनाओं और निर्देशों को एक साथ कई अलग-अलग इनपुट/आउटपुट डिवाइस के बीच में संचरण करने और उनके क्रियान्वयन में दक्ष है तो वहीं दूसरी और GPU बार-बार दोहराने वाले काम (Repetitive Work) में एक निश्चित तरह के डाटा प्रोसेसिंग और सूचनाओं के आदान-प्रदान में दक्ष है.

अब नजर डालते हैं GPU के मुख्य व्यावहारिक उपयोग पर:

GPU चूँकि एक ही तरह की गणनाओं को एक साथ प्रोसेस करने में माहिर होता है इसी कारण इसका उपयोग अधिकांशतः वृहत डाटा को प्रोसेस करने, मशीन लर्निंग में AI मॉडल को विकसित करने में काफी लिया जाता है. एक साथ थोक डाटा और सूचनाओं को प्रोसेस कर पाने की इसी खूबी के कारण ही यह वीडियो फ्रेम और पिक्चर को एक साथ और एक बार में ही आसानी से बड़ी ही तीव्रता से प्रोसेस कर लेता है जिस कारण इसका उपयोग वीडियो ट्रांसमिशन, वीडियो स्ट्रीमिंग, वीडियो एडिटिंग, ग्राफ़िक्स एडिटिंग, 3D रेंडरिंग[6] और उच्च ग्राफ़िक्स वाले गेम में इमेज प्रोसेसिंग के लिए मुख्य रूप से लिया जाता है.

जैसा कि मैंने शुरू में ही GPU के तीन प्रकार आपको बताये जो है पहला इनबिल्ट जीपीयू, दूसरा iGPU और तीसरा डेडिकेटेड ग्राफ़िक्स कार्ड जिसपर एक डेडिकेटेड GPU चिप लगा होता है और इस पर ही CPU की ही तरह चिप को ठंडा रखने के लिए एक फैन भी लगा होता है. GPU के तीनो ही प्रकारों में डेडिकेटेड ग्राफ़िक्स कार्ड लगा GPU सबसे अच्छा होता है जिसकी कार्य क्षमता भी उसपर लगे GPU चिप और उसमे लगे रैम पर निर्भर करता है. एक ओर CPU में कोर या भौतिक सतहों की संख्या सीमित होती है जैसे कि 1, 2, 4, 6, 8 आदि तो वहीँ दूसरी ओर GPU में वास्तविक सतहों (Core) की संख्या सैंकड़ों में होती हैं जोकि उसको एक साथ समानान्तर डाटा प्रोसेसिंग और ट्रांसमिशन में मदद करती है.

यही कारण है कि कई लोग, खासकर उच्च ग्राफिक्स वाले वीडियो गेम के शौक़ीन, वीडियो एडिटिंग से जुड़े लोग, 3D मॉडलिंग और रेंडरिंग को करने वाले, मशीन लर्निंग, बिटकॉइन माइनिंग, और बिग डाटा प्रोसेसिंग से जुड़े लोगों के बीच ज्यादा मेमोरी, अच्छी क्लॉक स्पीड और अधिकतम कोर युक्त अच्छे ग्राफ़िक्स कार्ड की बहुत डिमांड है. इन्ही सब विशेषताओं के कारण एक्सटर्नल ग्राफ़िक्स कार्ड काफी महंगे आते हैं और इसकी कीमत कई बार CPU से भी कई गुना अधिक होती है. 

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