दवा बनाने वाली कंपनी दवाओं का नाम कैसे रखती है क्या उनके कुछ नियम हैं?

किसी भी दवाई के अच्छे सेल के लिए उसके brand name की बहुत अहमियत होती है।

हालांकि नाम रखने के नियम के बारे में मुझे कोई जानकारी नही है लेकिन अपने अनुभव से इतना जरूर कह सकता हूं कि इनके नाम मुख्यतः इनके जेनर पर आधारित होते हैं जैसे!

Amoxycilin एक एंटीबायोटिक है जिसे हम शरीर की अंदरूनी चोटों के लिए इस्तेमाल करते हैं, ये दवाई लगभग फार्मास्युटिकल्स कंपनियां बनाती हैं। अब कुछ प्रमुख कंपनियों द्वारा बनाए गए इस जेनर की दवाइयों के नाम देखिए।

इसे बनाती है मैनकाइंड, इसका नाम है Moxikind, यहाँ Moxi शब्द इसके जेनर से और kind शब्द इसकी निर्माता कंपनी से है।

इसे बनाती है alkem लैबोरेटरी, इसमें Alkem से AL और Amoxy से Mox लिया गया है।

ये जरूरी नहीं की निर्माता कंपनी अपने नाम और जेनर का हमेशा एकसाथ इस्तेमाल करे, फिर भी कंपनियों की हमेशा यही कोशिश होती है कि वो जेनर से मिलता जुलता नाम ही अपने प्रोडक्ट का रखें।

कुछ और उदाहरण

  1. Telmisartan 40 mg

Mankind Pharma

Aristo Pharma

  1. Cifixime 200

Mankind Pharma

Cipla

यहां से Cefixime 200 टेबलेट में जेनर का नाम है पर निर्माता कंपनी का नहीं।

कभी-कभी एक जैसे लगने वाले ब्रांड नेम में अलग-अलग जेनर की दवाइयां पैक होती हैं। जैसे-

Dolo

इसे माइक्रो लैब्स बनाती है और यह दवाई वेस्ट उत्तर प्रदेश तथा NCR में बहुत फेमस है।

Dolokind AA

इसे मैनकाइंड बनाती है, अब इनके नाम लगभग समान हैं जबकि जेनर में जमीन आसमान का अंतर।

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