भारतीय क्रिकेट टीम की वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में हारने के पीछे क्या कारण हैं? जानिए

सबसे बड़ा कारण रहा विराट कोहली और रवि शास्त्री का अहंकार। यह रवि शास्त्री सिर्फ लाबिंग करके और विराट कोहली की जी हजूरी करके भारतीय टीम का मुख्य कोच बना हुआ है।

मैच शुरू होने से 24 घंटे पहले विराट कोहली ने अपनी पसंद की टीम 11घोषित कर दिया जो बड़ा अप्रत्याशित था क्योंकि टीम11 कभी भी टॉस जीतने या हारने के हिसाब से तय किया जाता है। पहले दिन का मैच जब बगैर टॉस हुए वर्षा के कारण रद्द हुआ तो सुनील गावस्कर ने कहा भी भारत को टॉस के हिसाब से नया टीम11 चुनना चाहिए, उसके बाद टीम प्रबंधन की ओर से कहा भी गया टॉस के बाद टीम 11चुना जायेगा लेकिन महा जिद्दी कोहली और शास्त्री की जोड़ी ने फिर वही टीम को चुना जिससे भारत का दावा कमजोर हो रहा था।

न्यूजीलैंड की टीम पहले से इंग्लैंड में थी और इंग्लैंड से टेस्ट सीरीज खेल चुकी थी जिसमे उसके एक स्पिनर ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन इस मैच में पिच के हिसाब से उसे न चाहते हुए बाहर किया और विश्व कप जीतने के लिए अपने 4 सर्वश्रेष्ठ टेस्ट तेज गेंदबाज और एक ऑलराउंडर तेज गेंदबाज के साथ मैच में उतरा क्योंकि यही पिच की मांग थी।

और भारत उतरा कोहली और शास्त्री के अहंकार को संतुष्ट करने वाली टीम को लेकर। बुमराह विदेशी पिचों पर टेस्ट मैच में संघर्ष कर रहा है आस्ट्रेलिया दौरे से ही लेकिन वो टीम में था और टेस्ट मैच के हिसाब से और विशेष रूप से विदेशी तेज पिचों पर तेज गेंदबाजी का स्टेमिना रखने वाले उमेश यादव और मोहम्मद सिराज बेंच पर बैठे थे अगर भारत की टीम11 कोहली और शास्त्री के अहंकार को संतुष्ट करने के बजाय विश्व चैंपियन बनने के लिए चुना गया होता तो ये दोनों टीम11 में जरूर रहते बुमराह और दोनो में से एक स्पिनर के स्थान पर । जिससे भारत पहली पारी से ही न्यूजीलैंड को बढ़त बनाने से रोक पाता और दूसरी पारी में भी बराबरी से मुकाबला कर के भारत जीत सकता था।

और हां यह रवि शास्त्री कोहली का इतना बड़ा चापलूस है कि आस्ट्रेलिया दौरे पर भारत कोहली की कप्तानी में आस्ट्रेलिया से पीछे चल रहा था और जब अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में जब भारत ने आस्ट्रेलिया की बराबरी कर ली तो शास्त्री के अंदर का चेला तिलमिला गया और यह भूल कर कि वह टीम इस टीम का मुख्य कोच है बयान दिया कि यह टीम नहीं जो विराट की कप्तानी में पिछले दौरे में आस्ट्रेलिया से जीती थी वह सर्वश्रेष्ठ थी।

अब भारत के लिए सीरीज जीतना या विश्व चैंपियन बनने से ज्यादा विराट कोहली और रवि शास्त्री के अहंकार का संतुष्ट होना ही मायने रखता है।

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