महिलाओं को बदन के सारे कपड़े उतार कर नहाने से कौन से बड़े नुकसान होते हैं?

{कुछ लोग बाथरूम में नहाते समय यह सोच कर पूरे कपड़े उतार देते हैं कि उनको कोई नहीं देख रहा है। ज्यादा तर हाई प्रोफाइ घरों की महिलाए व तमाम पुरूष बाथ टब में नहाने का आनंद लेने के लिए पूरे कपड़े उतार कर होकर नहाते है। लेकिन आध्यात्म के नजरियों से यह तरीका गलत होता है।

पहले तो यह जान लीजिए की पूरे कपड़े उतार कर नहाने वाले के चेहरे से तेज का नाश होता है। ये बात तमाम तपस्वी कह चुकें हैं। इसके अलावा भी हमारे ग्रंथों में भी निर्वस्त्र हो कर स्नान करना गलत माना गया है। इसलिए आप हमेशा ध्यान रखें आप कहीं भी नहा रहे हैं चाहे बाथरूम में हो या फिर कहीं और आपके शरीर पर एक वस्त्र होना ही चाहिए।

पद्मपुराण और श्रीमद्भाग्वत कथा में इसका उल्लेख भी है जिसमें ये लिखा है कि जब गोपियाँ निर्वस्त्र हो कर नदी में स्नान करने जाती हैं तो श्रीकृष्ण उनके कपडे चुरा कर पेड़ पर टांग देते हैं और जब वो बिना कपडे के बाहर नही आ पाती है!

तो उनसे प्रार्थना करती हैं की उनके कपड़े लौट दिए जाये। श्री कृष्‍ण कन्याओं से पूछते हैं जब न‌िर्वस्‍त्र होकर जल में गई थी तब शर्म नहीं आयी थी। तो गोपिया कहती है कि उस समय यहाँ कोई न ही था लेकिन श्री कृष्‍ण कहते हैं यह तुम सोचती हो क‌ि मैं नहीं था, लेक‌िन मैं तो हर पल हर जगह मौजूद होता हूं।

यहां आसमान में उड़ते पक्ष‌ियों और जमीन पर चलने वाले जीवों ने तुम्हें न‌िर्वस्‍त्र देखा। तुम न‌‌िर्वस्‍त्र होकर जल में गई तो जल में मौजूद जीवों ने तुम्हें न‌िर्वस्‍त्र देखा और तो और जल में नग्न होकर प्रवेश करने से जल रूप में मौजूद वरुण देव ने तुम्हें नग्न देखा और यह उनका अपमान है और तुम इसके ल‌िए पाप के भागी हो। वो कहते हैं कि आपकी नग्नता आपको पाप का भोगी बनाती है।

इसके अलावा तमाम बार होटलों और दूसरों का बाथरूम यूज करने में सबसे बड़ा डर यह रहता है कि कहीं बाथरूम में खूफिया कैमरा न हो। तमाम बार लोगों के बाथरूम में खूफिया कैमरे से उनकी गंदी वीडियों बनाए जाने के गंभीर मामले प्रकाश में आ चुकें हैं।}

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