मैच में कमाई कैसे होती है? जानिए

बिजनेस के दृष्टिकोण से ही आईपीएल को डिजाइन किया गया है। कहने के लिए तो यह एक क्रिकेट टूर्नामेंट है लेकिन यह कंपनियों को अपने बिजनेस को बढ़ाने का मौका देता है। आईपीएल का प्रमुख बिजनेस प्लान यह है कि प्राइवेट कंपनियों को क्रिकेट फ्रैंचाइजी खरीदने के लिए बुलाया जाए और जब फ्रैंचाइजी की कीमत बढ़ जाए तो उन्हने बढ़ी कीमत पर बेच दिया जाए। यह एक मुख्य जरिया होता है आईपीएल में पैसा कमाने का इसके अलावा और भी तरीके हैं जिनसे इस लीग में मोटी कमाई होती है।

मैचों के टिकट

भारत में क्रिकेट की पूजा की जाती है। क्रिकेट प्रेमियों में आईपीएल का जबरदस्त क्रेज है। दर्शकों की मांग को देख कर टिकट का दाम टीम के मालिक तय करते हैं। एक आकलन के मुताबिक इस लीग में होने वाले तक़रीबन 60 से 70 फ़ीसदी मैचों में स्टेडियम दर्शकों से खचाखच भरा रहता है। मैचों के टिकट से ही तक़रीबन 10 प्रतिशत आमदनी हो जाती है। जब बात हो आईपीएल की तो दर्शक मैदान तक खीचें चले आते हैं। टिकटों के जरिए आईपीएल में जमकर कमाई की जाती है।

आईपीएल खेलने वाले सभी खिलाड़ियों और टीम के स्टाफ तक की जर्सी पर विज्ञापन छपे होते हैं। यहीं नहीं उनके हेलमेट पर भी विज्ञापनों को देखा जा सकता है। स्‍टेडियम की बाउंड्री पर लगने वाले विज्ञापनों से भी कमाई होती है। कंपनिया इन विज्ञापनों पर करोड़ों खर्च करती हैं। इस विज्ञापन से उन्हें पब्लिसिटी मिलती है। विज्ञापनों के जरिए वो अपने ब्रांड को प्रमोट करते हैं। स्‍पॉन्‍सरशिप के जरिये भी आईपीएल फ्रैंचाइजीस बड़ी रकम कमाती हैं। कुल कमाई में स्‍पॉन्‍सरशिप का हिस्‍सा 20-30 फीसदी होता है।

ब्रॉडकास्ट राइट्स

किसी भी मीडिया चैनल को आईपीएल के दौरान मैचों के प्रसारण के लिए बीसीसीआई से राइट्स खरीदने पड़ते हैं। यही नियम ऑनलाइन स्ट्रीमिंग के लिए भी लागू होता है। आईपीएल टीम की कुल कमाई में 60-70 फीसद हिस्सा मीडिया राइट्स का होता है। आपको जानकार ताज़्जुब होगा कि कंपनियां महज 10 सेकेंड के स्लौट के लिए लाखों रुपये खर्च करती हैं। इस कमाई से चैनल मोटी रकम बीसीसीआई को देते हैं, जिससे अपना शेयर निकाल कर बाकी रकम टीमों के मालिकों को बीसीसीआई देता है। गौरतलब है कि पहले आईपीएल का मीडिया राइट सोनी के पास था लेकिन अब साल 2018 से लेकर साल 2022 तक यानी 5 सालों के लिए आईपीएल का मीडिया राइट स्टार इंडिया के पास है।

ब्रैंड वैल्य

इस बात को नकारा नहीं जा सकता कि बॉलीवुड के सितारें शाहरुख खान, प्रीति जिंटा खेल में ग्लैमर पैदा करते हैं। दर्शक खेल के साथ मनोरंजन भी चाहते हैं। यही कारण है कि टीम के स्टार खिलाड़ियों के जुड़ने से ब्रांड वैल्यू अपने आप बढ़ जाती हैं जो कि कई बड़ी कंपनियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। बड़ी-बड़ी कंपनिया अपने ब्रांड्स को प्रमोट करने के लिए अच्छी खासी रकम चुकाने के लिए तैयार रहती हैं। इसके जरिये भी आईपीएल में तगड़ी कमाई होती है। इसके अलावा नए ब्रांड क्रिकेट पर जमकर पैसा लगा रहे हैं।

खेल सामग्री का बाजार

आईपीएल के दौरान हर फ्रैंचाइजी खेल सामग्री की बिक्री करती है। इसमें टी-शर्ट, कैप, बैट, जूते, बैकपेक्स, की-चैन, रिस्ट वॉच, रिस्ट बैंड और अन्य कई सामग्रियां शामिल होती हैं। अंदाज़ा है कि खेल सामग्री का बाजार तक़रीबन तीन करोड़ डॉलर से अधिक का बाजार है जो हर साल बढ़ते ही जा रहा है।

स्‍टॉल

आईपीएल मैचों के दौरान प्रति मैच प्रति स्‍टॉल एक तय कीमत पर कॉन्‍ट्रैक्‍ट बेस पर थर्ड पार्टी को दिए जाते हैं। इनसे भी अच्छी कमाई होती है।

इनामी राशि

आईपीएल द्वारा विजेताओं और रनर अप को बड़ी इनामी राशि दी जाती है। टूर्नामेंट की विजेता टीम को ईनामी राशि का सबसे बड़ा हिस्सा मिलता है और इस प्राइज मनी को टीम के मालिक और खिलाड़ियों के बीच बांट दिया जाता है। साल 2018 में हुए आईपीएल के 11वें सीजन में विजेता टीम को बीस करोड़ रूपये बतौर इनामी राशि दी गई थी और रनर अप टीम को 12.5 करोड़ प्रदान किये गए थे।

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