वास्तुशास्त्र के अनुसार रसोई कैसी होनी चाहिए? जानिए

वास्तु शास्त्र के अनुसार सभी क्रियाकलाप यानी सभी कमरों के लिए अलग-अलग स्थान निर्धारित किए गए हैं वह उनकी उर्जा ओं के हिसाब से हैं

हमारे मकान का कौन सा क्षेत्र किस तरह की ऊर्जा दे रहा है और उसमें किस तरह के क्रियाकलाप यानी कमरे जैसे कि रसोईघर कहां हो, शयन कक्ष कहां हो, सीढ़ियां कहां हो, पूजा घर कहां हो यह उस क्षेत्र की उर्जा पर निर्भर करता है

वास्तुशास्त्र पंचतत्व के सिद्धांत पर आधारित है यह पंचतत्व इस प्रकार हैं जल वायु अग्नि आकाश एवं पृथ्वी है

आपके प्रश्न के अनुसार आप रसोईघर की दिशाओं के बारे में जानना चाहते हैं व उसकी आंतरिक व्यवस्था के बारे में जानना चाहते हैं रसोईघर हमेशा आपके प्लाट के दक्षिण पूर्वी दिशा पर शुभ माना जाता है और कदाचित रसोईघर को ईशान कोन यानी उत्तर पूर्व के कोने पर नहीं बनाना चाहिए इसके अंदर की व्यवस्थाओं के बारे में बात करें तो इस के अंदर की व्यवस्था भी इसी प्रकार रहेगी आपका स्टोव बर्नर की जगह रसोई घर के दक्षिण पूर्वी कोने पर होना चाहिए

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