वास्तु शास्त्र के अनुसार घर बनाते समय वाहन पार्किंग किस दिशा में रखना चाहिए?

वास्तु शास्त्र के अनुसार भवन मे वाहन पार्किंग के निम्नवत उपयोगी पहलूओ का समावेश करना उचित माना गया है जो इस प्रकार से है –

● गैरिज सर्वाधिक उपयुक्त दिशा दक्षिण-पूर्व अर्थात आग्नेय कोण श्रेष्ठ मानी जाती है जो कि चलित मशीनरी के सबसे उत्तम रहती है ।

● गाड़ी का मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर हो ऐसी व्यवस्था करनी श्रेष्ठ रहती है ।

● द्वितीय प्राथमिकता के तौर पर उत्तर-पश्चिम दिशा का उपयोग गैरिज के लिए कर सकते है यह दिशा वायव्य कोण की होती है भाडे पर चलने वाली गाडीयो के सर्वाधिक उपयुक्त रहती है ।

● उत्तर- पूर्व दिशा या ईशान कोण मे गैरिज नही बनवाना चाहिए मानसिक रोग की स्थिति देगा , गैरिज मे गाडी साफ सुधारा रखे अन्य कवाडा नही रखना चाहिए।

● गैरिज का निर्माण इस प्रकार किया जाना चाहिए कि गाड़ी खड़ी करते समय दो से तीन फीट की दूरी दीवार से बनी रहे तथा गाड़ी के चारो ओर ऊर्जा का प्रवाह सुचारु रूप से होना उचित रहता है ।

● व्यापारीयो के लिए गाड़ी का मुख उत्तर दिशा की ओर ,अधिकारियो के लिए पूर्व मुखी गाड़ी खड़ी करनी उचित माना गया है ।

● ज्वलनशील प्रदार्थ जैसे पेट्रोल आदि गैरिज मे स्टाक के रूप मे नही रखने चाहिए उसके लिए अलग से स्टाक रूम उचित रहता है ।

● दक्षिण- पश्चिम मे गैरिज होने पर रखरखाव खर्च अधिक होता है स्थिर दिशा होने गाडी मे कमी आती रहती है ।

● गैरिज का ढलान पूर्व या उत्तर की ओर होना चाहिए तथा गैरिज के आगे अवरोध नही होना चाहिए।

● पैटिको वनाया जाय यह ध्यान रखना चाहिए मुख्य द्वार से लगा छत नही होना चाहिए , गैरिज की व्यवस्था अलग से रखना उचित रहता है ।

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