शवों को ले जाने और अंत्येष्टि वाली याचिका पर अदालत ने दिल्ली सरकार से मांगा जवाब

दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर एक जनहित याचिका में अदालत से अपील की गई है कि वह शहर की सरकार को कोविड-19 पीड़ितों के शवों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने और उनके अंतिम संस्कार के संबंध में पर्याप्त बुनियादी ढांचा और एक कार्य योजना तैयार करने और उसे लागू करने का निर्देश दें।

मुख्य न्यायाधीश डी एन पाटिल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की एक पीठ ने दिल्ली सरकार को नोटिस जारी करके उनसे इस पर अपना पक्ष रखने को निर्देश दिया है। याचिका दायर करने वाले वकील ने संक्रमण की वजह से ज्यादा संख्या में हो रही मौतों के मद्देनजर शवों को रखने के लिए पर्याप्त संख्या में शवगृह बनाने की भी अपील की है।

याचिकाकर्ता वकील मुजीब उर रहमान ने दावा किया कि दिल्ली में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के अलावा पर्याप्त संख्या में शवगृह नहीं होने, शवों को ले जाने के संबंध में पर्याप्त व्यवस्था न होने और शवों के दाह संस्कार या उन्हें दफ़नाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं होने से दिक़्क़तें पैदा हो रही हैं।

इस याचिका में एक ऐसे व्यक्ति की स्थिति का हवाला दिया गया है, जिसके माता-पिता की मौत संक्रमण की वजह से घर पर हो गई लेकिन एक दिन तक उसे उनका अंतिम संस्कार करने के लिए भी कोई सहायता नहीं मिल पाई क्योंकि पड़ोसियों ने संक्रमण के डर से हाथ खड़े कर दिए थे।

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