सर्जिकल ग्लू (surgical glue) क्या है? इसका उपयोग क्यों और कैसे किया जाता है? जानिए वजह

ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के बायोमेडिकल इंजीनियरों ने एक ऐसा सर्जिकल ग्लू बनाया है जो मात्र 60 सेकंड में अंदरुनी घावों को भर देगा। यह ग्लू इंजेक्शन की तरह शरीर में लगाया जाता है। इसके बाद यह घाव पर अपना काम करना शुरू कर देता है।

ग्लू एक खास तरह के प्रोटीन ट्रोपिलैस्टीन से बना है। यह सीधे जख्म पर एप्लाई किया जाता है। इसके बाद यह अल्ट्रा वायलेट किरणों के जरिए काम शुरू कर देता है। हार्ट और फेफड़े जैसे अंदरुनी अंगों पर हुए जख्मों को यह बेहतर तरीके से ठीक करता है।

वैज्ञानिकों की एक टीम ने अपने नए अध्ययन में अत्यधिक लचीला और चिपकने वाला सर्जरी गोंद विकसित किया है जो कि बिना टांके और स्टेपल के ही घांवों को 60 सेकेंड में सील करने में सक्षम है. शोधकर्ताओं की अंतरराष्ट्रीय टीम ने इस जीवन-रक्षक सर्जरी गोंद को विकसित किया हैजिसे MeTro नाम दिया है.

शोधकर्ताओं के मुताबिक गोंद का अत्यधिक लचीला होना ही घावों को सील करने में ज्यादा मददगार बनाया है जो कि लगातार फैलते हैं जैसे कि फेफड़े, हृदय और धमनियां आदि, इनके दोबारा खुलने का खतरा बना रहता है. वैज्ञानिकों के अनुसार यह सर्जिकल गोंद शरीर के अंदर के घावों पर भी काम कर सकता है, जहां कि डॉक्टरों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है.

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