सर्दियों में मूंगफली खाना बादाम से भी अधिक स्वास्थ्यवर्धक क्यों बताया गया है? जानिए

मुंगफली में प्रोटीन, चिकनाई और शर्करा पाई जाती है। इसकी प्रोटीन दूध से मिलती-जुलती है और चिकनाई घी से मिलती है। मुंगफली के खाने से दूध, बादाम और घी की पूर्ति हो जाती है।

मूंगफली शरीर में गर्मी पैदा करती है, इसलिए सर्दी के मौसम में ज्यादा लाभदायक है। यह तर खांसी में उपयोगी है। मेदे और फेफड़ों को बल देती है।

मूंगफली में तेल का अंश होने से यह वायु की बीमारियों को भी नष्ट करती है। यह पाचनशक्ति को बढ़ाती है।

सर्दियों में गर्भकाल में 60 ग्राम मुंगफली नित्य खाने से गर्भस्थ शिशु की प्रगति में लाभ होता है। महिलाओं के प्रजनन क्षमता को भी बेहतर बनाती है।

बच्चों के शरीर की ग्रोथ के लिए मुंगफली प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत है और इसमें पाए जाने वाले विटामिन E और मैग्नीशियम त्वचा को ताजगी और चमक देते है।

मुंगफली में कैल्शियम और विटामिन डी की भरपूर मात्रा होने के कारण हड्डियां मजबूत बनती हैं।

कच्ची मूंगफली खाने से दूध पिलाने वाली माताओं का दूध बढ़ता है।

प्रतिदिन थोड़ी-सी मूंगफली खाने से मधुमेह रोगियों को लाभ होता है।

मुंगफली के नित्य सेवन से दिल से जुड़ी बीमारियां होने का खतरा कम होता है और खून की कमी भी दूर होती है।

मुंगफली के नित्य सेवन से कब्ज की समस्या दूर होती है और शरीर के अंदर विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं।

मुंगफली में कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो बालों को स्वस्थ रखने में सहायक है और तनाव और चिंता को दूर करने में मददगार है।

नमक के साथ प्रतिदिन ताजा मूंगफली चबाने से मसूड़े तथा दांतों की ऊपरी परत मजबूत होती हैं।

चाय या कॉफी के साथ भुनी मूंगफली खाने से धीरे-धीरे वज़न कम हो जाता है।

सीमित मात्रा में मूंगफली का सेवन करने से दुबले और कमजोर व्यक्ति अपना वजन बढ़ा सकते हैं।

मुंगफली की तासीर गर्म होती है। इसलिए अधिक मात्रा में इसका सेवन न करें क्योंकि इससे एलर्जी भी हो सकती है।

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