हवाई जहाज़ में हेडलाइट्स क्यों लगी होती हैं, जबकि न तो आसमान में ट्रैफिक होता है और हवाई जहाज़ का राडार सब पकड़ लेता है? जानिए कारण

कम रोशनी, शाम का समय या रातके अंधेरे में हवाई अड्डे पर से उड़ान भरते या उतरते समय इन हेडलाइट्स की सहाय्यतासे रनवे साफ दिखता है। रनवे पर कोई रखरखाव विभाग का वाहन तो नहीं है? या जानवर (कुत्ते / गाय / भैस) तो नहीं है? इसकी पुष्टि होजाती है।

बारिश के मौसम में पानी का जमावड़ा, कीचड बहकर रनवे पर तो नहीं आया? इसकी भी पुष्टि होजाती है।

दूसरा कोई हवाई जहाज एप्रन से (पार्किंग की जगह) रनवे तक बढ़ तो नहीं रहा है ये भी पता किया जाता है।

वास्तविक आजके जमाने में ILS – instrument landing system – का होना काफी आम बात है।ये प्रणाली हवाई जहाज को उतरते या उडान भरते समय मार्गदर्शन करती है। फिरभी इन्सानी आँखे बहुतकुछ देख लेती है जो राडार या ऐसी मशीन नहीं दिखा पाती।

रनवे पर पानी / कीचड़ / जानवर का होना राडार की क्षमता के परे की बात है। हवाई अड्डे की जमीनी हालात पर ATC – air traffic controller हवाई यातायात नियंत्रक नजर बनाये रहते है। फिरभी हवाई जहाज चालक अपनी नजरसे देखना भी चाहते ही हैं।

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