ताज़ा सौंफ खाने के होते है बेहतरीन फ़ायदे

ठंडी तासीर सौंफ की फसल इन दिनों बढ़ती हुई गर्मी में काटी जाएगी. बहुत जल्द ताज़ा खुशबूदार और स्वादिष्ट सौंफ बाजार में आ सकती हैं. ठंडी तासीर वाली हरी दिखने वाली सौंफ खाने में अधिक स्वादिष्ट और गुणकारी होती है जिसे बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के द्वारा मिश्री के साथ मिलाकर मज़े से ग्रहम की जाती है. आजकल सौंफ सबसे अधिक डिमांड में रहती है क्योंकि भोजन उपरांत खट्टी डकारों से बचने और हाजमा दुरुस्त बनाए रखने हेतु सौंफ को प्राथमिकता दी जाती है.

अब भयंकर गर्मी में शरीर पसीना पसीना होने लगा है किसान खेतों में फसलों की कटाई कर रहे हैं स्वंय को लू से बचाने हेतु सौंफ वाली चाय पीना शुरू करते हैं. इस शुष्क जलवायु वाले बढ़ते तापमान में सभी फसलें अच्छे से तैयार हो जाती है. सौंफ के पौधे जिनकी ऊंचाई तकरीबन 5-6 फिट तक होती है पर लगे हुए खुशबूदार सौंफ के पके हुए गुच्छे काटे जाने हैं ताकि उन्हें छाया में सुखाया जा सके और उनकी सुगंध बरकरार रहे. ठंडी तासीर वाली खुशबूदार सौंफ के दाने हल्के भूरे या हरी आभा वाले होते हैं.

अनुभवियों के मुताबिक़ ठंडी तासीर वाली खुशबूदार लजीज सौंफ की सुगंध और गुणवता सलामत रहे उसके लिए सौंफ को ठंडे किंतु शुष्क वातावरण में रखना बेहद आवश्यक है. आपकी जानकारी के लिए बता दें की बिना कांटो वाले बिलकुल हरे नजर आने वाले सौंफ के पौधे पर पीले फूल आते हैं, जो मधुमक्खियों को आकर्षित कर शहद उत्पादन में भी सहयोग देते हैं. जहां तक सवाल हैं माउथ फ्रेशर का तो बता दें की मीठी अच्छे से पकी हुई सौंफ अचार में निश्चित अनुपात में डाली जाए तो न केवल खट्टे मिट्ठे अचार के स्वाद तथा गुणों में वृद्धि होती है बल्कि ईएसआई खुशबु आने लगती है जिसे सूंघने उपरांत भूख और तेज हो जाती है. अब के अध्ययन के आधार पर शायद ये कहना गलत नहीं है की भयंकर गर्मी में चलने वाली लू से बचाने और पाचन क्रिया दुरुस्त बनाने में कारगर रामबाण उपाय मिश्री मिलाकर सौंफ का सेवन करना है.

भारतीय रसोईघर में सौंफ पाउडर बनाकर चुटकी भर चाय में इसलिए डाला जाता है चाय से न्या स्वाद भी मिले और गर्मी से लड़ने क्षमता भी बढ़े. सरल शब्दों में कहें तो आपको जानकर अवश्य आश्चर्य होगा किंतु नियमित सौंफ के सेवन करने पर गर्मी से बचना बेहद आसान है क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती हैं और साथ ही साथ मुँह से आ रही बदबू खत्म हो जाती हैं जो मुख्य रूप से प्याज आदि के सेवन उपरांत अक्सर आनी शुरू हो जाती है. बता दें की गर्मी में ठंडी तासीर वाले प्याज का भी विशेष महत्व है यह अपनी झिली का सकारात्मक प्रभाव बॉडी पर डालता हैं जिससे धूप, लू और गर्मी से राहत मिलती है.

सुबह, दोपहर और शाम के भोजन को करने पश्चात मिश्री मिलाकर सौंफ खाने से अच्छी डकारें आती है मन शांत और शरीर ताजगी से भरा रहता है. नतीजन गर्मी के दिनों में पेट में बनने वाली गैस आदि से होने परेशानी सिर दर्द और एसिडिटी आदि से काफी हद तक छुटकारा मिलता हैं. सौंफ के गुणों से भली भांति परिचित महिलाओं द्वारा त्वचा का ग्लो बेहतर बनाए रखने हेतु ठंडी तासीर वाली हरी सौंफ प्रयोग में लाई जाती है. मधुरिका यानि की सौंफ का जिक्र आयुर्वेद में मिलता है. इसका पौधा पंखदार पत्तियों वाला पूर्णत हरा थोड़ा हल्का सफेद होता है जिस पर गुच्छेनुमा पीले खुशबूदार फूल निकलते हैं जो निश्चित समय उपरांत सौंफ में तब्दील हो जाते हैं. वैसे पौधे की औसत ऊंचाई देखने तो वह तकरीबन 4 फिट के आसपास होगी ख़ास बात ये की सौंफ का पौधा कांटों रहित झाड़ीनुमा लचीला होता है आसानी से टूट सकता है.

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