इसे मै साबित कर रहा हूं, आप सभी लोग गुलाम हो! यह बात एकदम सत्य है

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मेरी इस बात को झूठा समझकर इस पोस्ट को छोड़कर मत चले जाना। वरना आप बहुत पछतागे।
।मेरी आप से एक ही गुजारिश है कि आप प्लीज इस पोस्ट को पूरा पढ़े।
आपको बेशक लगता हो कि आप शारीरिक रूप से आजाद हो लेकिन आप मानसिक रूप से गुलाम हो।
पहले तो आप यह बताएं कि आप गुलाम शब्द से आप क्या समझते है।
गुलाम शब्द का अर्थ है कि किसी दूसरे के नीचे काम करने वाला व्यक्ति।
अपने मालिक का कहा मानने वाला।
उसके आदेश को फॉलो करना।
उसके इशारे पर काम करना।
तुम्हारे तथा हमारे अनुसार यही है गुलाम का अर्थ।
अब मै आपको बताता हूं कि हम सभी क्यो है गुलाम?
एक बात आप मुझे बताएं कि आप गुस्सा,प्यार,दुख,घृणा,तथा जलन के भाव क्यो प्रकट करते है।
आप यही कहेंगे कि अपने परिवार तथा सगे संबंधी के कारण ही आपके ये सभी भाव प्रकट करते है।
मैं अब आपको एक छोटी सी कहानी बताऊंगा। आप उस कहानी के अंत दिए हुए प्रश्न का उत्तर देना आप समझ जाएंगे।
एक बार एक गांव में दो मित्र रहते थे। उन दोनों का नाम नरेश और सचिन थे इस गांव में दोनों की मित्रता से एक लड़का बहुत जलता था उन्हें अपना शत्रु समझता था। उस लड़के का नाम कपिल था। उसे उनकी मित्रता के आंख ना भाती थी। वह हर समय दोनों को अलग करने की कोशिश करता रहा था एक दिन उसने एक योजना बनाई कि इनके गुस्से तथा जलन को हथियार बनाकर इन्हें अलग करना होगा। credit: third party image referenceउसी शाम वह नरेश के पास गया। उससे कहा कि तुम्हारा दोस्त सचिन दोस्ती का नजायज फायदा उठा रहा है। बिना तुमसे पूछे तुम्हारी मोटर का पानी अपने खेत में ले लिया और तो और तुम्हारी बाइक का इस्तेमाल भी कर रहा है। इतना कहकर वह वहां से चला गया। कुछ देर बाद सचिन से जाकर कपिल कहने लगा कि नरेश ने तुम्हारे खेत पर जाकर तुम्हारा ट्रांसफॉर्म को खराब कर दिया है। इतने पर ही दोनों में क्रोध भर गया लड़ने के लिए दोनों आमने सामने आ गए।दोनों ने किसी की भी कोई बात ना सुनी। उन दोनों दोस्तों की दोस्ती अब पूरी तरह से खतरे में आ चुकी थी। अभी एक गांव वाला सामने आया और कहने लगा क्या बात है भाईयो क्यो लड़ रहे हो। दोनों ने अपनी अपनी बात बताई। तभी वह व्यक्ति बोला कि यह सब कपिल का किया धरा है। उसी ने है सचिन के खेत में तुम्हारी बिजली जलाई तथा नरेश का ट्रांसफार्म भी कपिल ने खराब किया है। अब दोनों के समझ में आ गया कि गलती किसी है।
अब मै आपसे प्रश्न पूछता हू कि किसके कहने पर दोनों ने लड़ाई शुरू की। क्या नरेश और सचिन कपिल के गुलाम नहीं बने।
ठीक उसी प्रकार जिस प्रकार आप लोगो की बातो में आकर अपनो पर ही विश्वास नहीं करते। आप जानते है कि वह मुझे जलन फील करवाने चाहते है फिर भी आप उनके अकोडिंग काम करते है। रोते है,खुश होते है,दुखी होते है,गुस्सा भी प्रकट करते है। यह सभी कार्य आप अपनी मर्जी से खुछ भी नहीं करते बस दूसरे के अनुसर ही कार्य करते है। इसका मतलब है कि आप लोगो दूसरों के गुलाम है। उन्हीं का आदेश मानते है। क्या आप अब भी मना रहोगे कि आप लोग गुलाम नहीं है।

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